जयपुर: हाईकोर्ट जयपुर पीठ परिसर के गेट नंबर तीन के बाहर निजी अस्पताल के डॉ. सोनदेव बंसल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा वकीलों का धरना बुधवार को समाप्त हो गया। इसके साथ ही पिछले दस दिनों से हाईकोर्ट के बाहर बंद किया गया रास्ता भी बुधवार रात खोल दिया गया।
सहमति बनी है कि जांच पूरी होने तक अस्पताल को अस्थाई रूप से डी-एम्पैनल्ड करने और डॉ. सोनदेव बंसल को निलंबित करने के लिए राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना से संबंधित एजेंसी को पत्र लिखा जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और जयपुर के पुलिस उपायुक्त (साउथ) राजर्षि राज ने सात बिंदुओं पर सहमति बनने की जानकारी देते हुए आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। सोगरवाल ने कहा कि यदि एक महीने के भीतर इन सातों बिंदुओं की पालना में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बार एसोसिएशन की ओर से पुनः आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इन सात बिंदुओं पर बनी सहमति
आरजीएचएस अनियमितताओं की जांच: चिकित्सा विभाग 20 दिन में आरजीएचएस में कथित अनियमितताओं की जांच पूरी करेगा। अपराध प्रमाणित होने पर एफआईआर दर्ज कर जांच पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी जाएगी।
मेडिकल बोर्ड पुनर्गठन: पिछले वर्ष दर्ज एफआईआर में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए नया मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा। आवश्यकता होने पर एम्स के चिकित्सकों का बोर्ड गठित किया जाएगा।
अस्थाई डी-एम्पैनलिंग और निलंबन: जांच पूरी होने तक निविक अस्पताल को अस्थाई रूप से डी-एम्पैनल्ड करने और डॉ. सोनदेव बंसल को निलंबित करने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र लिखा जाएगा।
राज्य हाईकोर्ट में रिपोर्ट: हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर सुनवाई के दौरान एफआईआर को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की जाएगी।
विशेष जांच दल (एसआईटी): पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) जयपुर के नेतृत्व में एसआईटी गठित होगी, जो एक महीने में जांच पूरी कर परिवादी को रिपोर्ट देगी।
सीसीटीवी और दस्तावेजों की जांच: सभी संबंधित दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की विधि विज्ञान प्रयोगशाला से एक महीने में जांच कराई जाएगी।
निगरानी और प्रगति रिपोर्ट: जांच की निरंतर निगरानी होगी और बार एसोसिएशन को हर सात दिन में प्रगति से अवगत कराया जाएगा।
आमजन को हो रही थी परेशानी
हाईकोर्ट परिसर के बाहर धरने के कारण पुलिस ने रास्ता डायवर्ट कर दिया था। इस वजह से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आंदोलन समाप्त होने के बाद रास्ता खोल दिया गया।


