जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेन्द्रकुमार सोनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार:राजस्थानी कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए मिलेगा पुरस्कार, बन चुकी है राजस्थानी फिल्म

जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेन्द्रकुमार सोनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार:राजस्थानी कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए मिलेगा पुरस्कार, बन चुकी है राजस्थानी फिल्म

साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025 के वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा करते हुए राजस्थानी साहित्य के लिए डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को उनके कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए सम्मानित करने की घोषणा की है। वहीं हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा 16 मार्च 2026 को की गई। पुरस्कार विजेताओं को 31 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। जयपुर के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होने के साथ-साथ एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं। उनका कहानी संग्रह ‘भरखमा’ ग्रामीण परिवेश, जीवन के संघर्षों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। इस कृति में आम जनजीवन की पीड़ा, संवेदनाएं और सामाजिक यथार्थ को जीवंत रूप में उकेरा गया है, जिसने पाठकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। विशेष बात यह है कि ‘भरखमा’ पर आधारित एक राजस्थानी फिल्म भी बन चुकी है, जिसका निर्देशन श्रवण सागर ने किया। श्रवण सागर अभिनीत इस फिल्म को भी विभिन्न मंच और फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना और कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। डॉ. सोनी का साहित्यिक सफर भी उल्लेखनीय रहा है। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘चिराग’, ‘रेगमाल’, ‘रणखार’, ‘यादावरी’, ‘आपणा रूंख’ और ‘म्हारै पांती रा पानी’ जैसे कहानी संग्रह शामिल हैं। उनके लेखन में राजस्थान की मिट्टी की खुशबू, लोक जीवन की गहराई और सामाजिक सरोकारों की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। ‘भरखमा’ को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिलने की घोषणा के बाद साहित्यिक जगत और ‘भरखमा’ से जुड़े कलाकारों में खुशी की लहर है। राजस्थान के साहित्यकारों का मानना है कि यह सम्मान न केवल डॉ. सोनी के साहित्यिक योगदान को नई पहचान देगा, बल्कि राजस्थानी भाषा और साहित्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती प्रदान करेगा। 24 भारतीय भाषाओं में विजेता साहित्य अकादमी ने 24 भारतीय भाषाओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा की है। प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा अनुशंसित इन पुरस्कारों को साहित्य अकादमी के सक्षम प्राधिकारी की ओर से अनुमोदित किया गया था। सभी पुरस्कार इस महीने की 31 तारीख को नई दिल्ली में प्रदान किए जाएंगे। इस वर्ष आठ काव्य संग्रह, चार उपन्यास, छह लघु कथाएं और दो निबंधों को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, एक साहित्यिक आलोचना, एक आत्मकथा और दो संस्मरणों का भी चयन किया गया है। प्रख्यात लेखिका ममता कालिया को उनके हिंदी संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं, प्रख्यात राजनयिक नवतेज सरना को उनके अंग्रेजी उपन्यास ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ के लिए पुरस्कार मिलेगा। साथ ही, प्रीतपाल सिंह बेताब की उर्दू कविता ‘सफर जारी है’ को भी पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित अन्य लेखकों में देवब्रत दास, प्रसून बंद्योपाध्याय, खजूर सिंह ठाकुर और योगेश वैद्य शामिल हैं। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पुरस्कार समारोह में सभी चयनित पुरस्कार विजेताओं को एक लाख रुपए की राशि के साथ एक उत्कीर्ण तांबे की पट्टिका प्रदान की जाएगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *