Fraud Settlement Pressure: डिजिटल अरेस्ट से 80 लाख रुपए की साइबर ठगी की शिकार हुई 83 वर्षीय वृद्धा ने हाईकोर्ट में जांच एजेंसी से न्याय नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने कहा कि उससे पहले तो डिजिटल अरेस्ट कर 80 लाख रुपए ठगे और उसके बाद उसे 10 लाख रुपए में समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदेश में संभवतया यह पहला और अनुठा मामला है। जिसमें आरोपी अब ठगी के बाद पीड़िता पर 10 लाख रुपए में समझौता करने का दबाव डालकर केस को रफा दफा करने का ऑफर दे रहा है। मामले में पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि जांच एजेंसी की प्रक्रिया से हतोत्साहित होकर वह समझौते को मजूबर है।
हाईकोर्ट ने मामले को विशिष्ट और अनूठा मानते हुए इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस प्रकरण ने न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। ऐसे में उच्च अधिकारियों को तलब करना उचित होगा। कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार को तय की है, सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक व पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) को VC से और अनुसंधान अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
व्हील चेयर पर कोर्ट पहुंची पीड़िता
न्यायाधीश समीर जैन ने नवीन टेमानी की जमानत याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा कि उसका पीड़िता से 10 लाख रुपए में समझौता हो गया है, ऐसे में उसे जमानत दी जाए। सुनवाई के दौरान व्हीलचेयर पर पहुंची पीड़िता ने कहा कि 80 लाख रुपए के मामले में 10 लाख में समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस ने जांच कर चार्जशीट पेश कर दी, लेकिन आरोपी दुबई में होने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
कोर्ट ने माना अनूठा मामला, जताई पीड़ा
कोर्ट ने कहा कि यह विशिष्ट और अनूठा मामला है, जिससे न्यायालय को गहरा सदमा लगा है। इस मामले में कोर्ट उच्च पुलिस अधिकारियों को तलब करने को विवश है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगर पीड़िता केस के सिलसिले में जयपुर में रहना चाहे तो सरकारी खर्च पर ठहरने की बेहतर व्यवस्था की जाए।
मामले में आज फिर सुनवाई
कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को तय की है, सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक व पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) को वीसी से और अनुसंधान अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।


