जबलपुर जिले में पिछले दिनों आगजनी की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम सतर्क हो गया है। नगर निगम ने नगरीय क्षेत्र में अग्निशमन उपकरणों की जांच का अभियान शुरू कर दिया है। इस जांच में कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरण खराब पाए गए हैं। संबंधित संस्थानों को इन उपकरणों को जल्द सुधरवाने और उनका नियमित रखरखाव करने को कहा गया है। नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि यह सीधे लोगों के जीवन से जुड़ा है। इसलिए अस्पताल, होटल, कॉम्प्लेक्स और थिएटर जैसे सार्वजनिक स्थानों पर रेंडम सैंपलिंग के जरिए जांच अभियान शुरू किया है। कुछ संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की अनदेखी सामने आई है, उन्हें हिदायत दी गई है। निगम की अपील-ईमानदारी से कराएं फायर ऑडिट प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों का फायर ऑडिट ईमानदारी से कराएं और निगम की जांच टीम का सहयोग करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में एक समर्पित फायर टीम, फायर ऑफिसर और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है, जिससे आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) बेहतर बना हुआ है। एहतियाती उपायों के बारे में विस्तार से समझाया बाजार अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी राजेंद्र कुमार दुबे और उनकी टीम ने विशेष रूप से उन दुकानों का निरीक्षण किया, जहां ज्वलनशील सामग्री का व्यापार होता है। दल ने व्यापारियों को जनहानि और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। उन्हें अग्निशमन यंत्रों और अन्य एहतियाती उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया।


