IT Stocks Crash: एआई की नई तकनीक ने आईटी सेक्टर में किया उलटफेर, मार्केट में तेजी के बावजूद गिर रहे शेयर

IT Stocks Crash: एआई की नई तकनीक ने आईटी सेक्टर में किया उलटफेर, मार्केट में तेजी के बावजूद गिर रहे शेयर

शेयर बाजार में आज एक तरफ तेजी है, वहीं दूसरी ओर आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। यह गिरावट इतनी बड़ी है कि लिस्टिंग के बाद से पहली बार टीसीएस के वार्षिक रेवेन्यू में गिरावट आई है। निफ्टी के लगभग सभी आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के चलते आज भारतीय शेयर बाजार भी 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ खुला। क्योंकि ईरान और अमेरिका में दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम की घोषणा हुई है। लेकिन इस नाजुक स्थिति में निवेशकों की चिंता बनी हुई है, जिसके चलते आईटी सेक्टर की गिरावट ने इस तेजी के माहौल को नेगेटिव कर दिया।

क्यों आई IT शेयरों में गिरावट?

इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका की AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) का नया प्रोडक्ट है। कंपनी ने अपने बेहद एडवांस साइबर सिक्योरिटी मॉडल मिथोस (Mythos) का प्रीव्यू पेश किया है। यह मॉडल कोडिंग और सुरक्षा के मामले में इंसानी विशेषज्ञों से भी तेज बताया जा रहा है। बाजार में डर का माहौल है कि अगर AI खुद ही कोडिंग और साइबर सुरक्षा की कमियां सुधारने लगेगा, तो IT कंपनियों के काम और उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ सकता है।

इसे ‘प्रोजेक्ट ग्लास विंग’ के तहत चुनिंदा बड़ी कंपनियों Amazon Web Services, Apple, Broadcom, Google, JPMorgan Chase, Microsoft, NVIDIA को दिया गया है। कुल मिलाकर मिथोस एक अगली पीढ़ी का एआई सिस्टम है, जो साइबर सुरक्षा और गहन कोड विश्लेषण पर केंद्रित है।

बाजार में आज आईटी सेक्टर का हाल

IT शेयरों में एम्फैसिस (Mphasis) सबसे ज्यादा 2.5 फीसदी गिरा, जबकि एलटीआई माइंडट्री, इंफोसिस , टीसीएस और टेक महिंद्रा में भी 3 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे AI तेजी से विकसित हो रहा है, पुरानी तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि बड़ी कंपनियों के लिए AI को पूरी तरह अपनाना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि उनके पास डेटा और पुराने सिस्टम की बड़ी चुनौतियां हैं।

TCS के नतीजों ने बिगाड़ा मूड

आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी TCS के नतीजों ने भी निवेशकों को निराश किया। लिस्टिंग के बाद पहली बार TCS की सालाना डॉलर आय में गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की डॉलर आय 0.5 फीसदी से घटकर 30.08 बिलियन डॉलर रह गई। वार्षिक गिरावट का मुख्य कारण कंपनी का भारत के कारोबार में कमजोर प्रदर्शन है। इसका रेवेन्यू इस अवधि के दौरान 32 फीसदी गिर गया। हालांकि, कंपनी का मुनाफा 12.2 फीसदी बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में 12,224 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *