राज्यसभा में उठा एम्स में स्टाफ की कमी का मामला:115 डॉक्टरों के पद खाली,सांसद फूलोदेवी नेताम ने उठाया मुद्दा

राज्यसभा में उठा एम्स में स्टाफ की कमी का मामला:115 डॉक्टरों के पद खाली,सांसद फूलोदेवी नेताम ने उठाया मुद्दा

रायपुर स्थित एम्स में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलना, इलाज न मिलने के बराबर है। यही स्थिति इस समय एम्स रायपुर में देखने को मिल रही है, जहां गंभीर मरीजों को भी समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। 115 डॉक्टरों के पद खाली
सांसद ने बताया कि एम्स रायपुर में डॉक्टरों के कुल 305 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 190 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। यानी 115 पद अब भी खाली हैं। सबसे ज्यादा कमी कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी जैसे अहम विभागों में है। वहीं, नर्सिंग, तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ के कुल 3,884 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 2,387 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 1,497 पद खाली पड़े हैं। लंबी कतारें, ऑपरेशन में देरी
स्टाफ की कमी का असर सीधे मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं। जांच और ऑपरेशन में देरी हो रही है। गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। खाली पद भरने की मांग
श्रीमती नेताम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि एम्स रायपुर में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के खाली पदों को जल्द भरा जाए। साथ ही अस्पताल में बेड की संख्या भी बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे संस्थान में इस तरह की कमी होना चिंता का विषय है और इसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *