सहरसा से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने सोमवार को विधान परिषद में सूखे नशे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिहार में सूखा नशा चरम पर है और यदि इसे नहीं रोका गया तो राज्य की पूरी पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि यह समस्या अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव, टोला और कस्बों तक फैल चुकी है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि किशोर अवस्था के लड़के तेजी से इस नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे छोटी उम्र में ही बच्चे इसके आदी हो रहे हैं। उन्होंने इसे समाज और राज्य के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत बताया। सरकार और सभी विपक्षी दल एकमत
एमएलसी ने जोर दिया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आपदा का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष में होते हुए भी यह बात व्यक्तिगत और सामाजिक चिंता के कारण कह रहे हैं, न कि राजनीतिक कारणों से। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार और सभी विपक्षी दल एकमत हैं। डॉ. सिंह ने सरकार से सूखे नशे पर केवल बयानबाजी के बजाय ठोस और प्रभावी कार्रवाई की अपील की। पुनर्वास पर ध्यान देने का आग्रह
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सूखे नशे के खिलाफ आज सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इतिहास में सबके नाम एक काले अध्याय में दर्ज होंगे। उन्होंने सरकार से नशे के नेटवर्क को तोड़ने, युवाओं के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था करने पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया। डॉ. अजय कुमार सिंह के इस बयान के बाद विधान परिषद में सूखे नशे को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे एक गंभीर सामाजिक संकट बताते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। सहरसा से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह ने सोमवार को विधान परिषद में सूखे नशे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिहार में सूखा नशा चरम पर है और यदि इसे नहीं रोका गया तो राज्य की पूरी पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि यह समस्या अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव, टोला और कस्बों तक फैल चुकी है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि किशोर अवस्था के लड़के तेजी से इस नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे छोटी उम्र में ही बच्चे इसके आदी हो रहे हैं। उन्होंने इसे समाज और राज्य के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत बताया। सरकार और सभी विपक्षी दल एकमत
एमएलसी ने जोर दिया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आपदा का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष में होते हुए भी यह बात व्यक्तिगत और सामाजिक चिंता के कारण कह रहे हैं, न कि राजनीतिक कारणों से। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार और सभी विपक्षी दल एकमत हैं। डॉ. सिंह ने सरकार से सूखे नशे पर केवल बयानबाजी के बजाय ठोस और प्रभावी कार्रवाई की अपील की। पुनर्वास पर ध्यान देने का आग्रह
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सूखे नशे के खिलाफ आज सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इतिहास में सबके नाम एक काले अध्याय में दर्ज होंगे। उन्होंने सरकार से नशे के नेटवर्क को तोड़ने, युवाओं के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था करने पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया। डॉ. अजय कुमार सिंह के इस बयान के बाद विधान परिषद में सूखे नशे को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे एक गंभीर सामाजिक संकट बताते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।


