ISRO YUVIKA 2026: अगर आपका बच्चा या आपके स्कूल का कोई छात्र अंतरिक्ष, रॉकेट और सैटेलाइट जैसी चीजों को लेकर जिज्ञासु है, तो यह खबर उसके लिए खास हो सकती है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने चर्चित ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम’ “यानी युविका 2026” की घोषणा कर दी है। यह पहल खास तौर पर 9वीं कक्षा के छात्रों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि कम उम्र में ही उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ा जा सके।
ISRO: क्या है युविका कार्यक्रम?
‘युविका’ का पूरा नाम युवा विज्ञान कार्यक्रम है। नाम से ही साफ है कि इसका मकसद बच्चों के मन में विज्ञान, खासकर अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर उत्साह जगाना है। इस कार्यक्रम के तहत चुने गए छात्रों को इसरो के विभिन्न केंद्रों पर दो हफ्ते का आवासीय ट्रेनिंग दिया जाएगा। यह सिर्फ किताबों तक सीमित सीख नहीं होगी। छात्र वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत कर सकेंगे, लैब देखेंगे, रॉकेट और सैटेलाइट से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझेंगे और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स में भी हिस्सा लेंगे। कह सकते हैं कि यह अंतरिक्ष की दुनिया को नजदीक से देखने का मौका है।
ISRO YUVIKA 2026: कौन कर सकता है आवेदन?
इस प्रोग्राम के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे हों। चयन सिर्फ अंकों के आधार पर नहीं होगा। इसरो छात्रों की अन्य गतिविधियों को भी देखेगा, जैसे विज्ञान प्रतियोगिताओं में भागीदारी, खेल, एनसीसी या एनएसएस जैसी गतिविधियां। खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को चयन में अतिरिक्त वरीयता दी जाएगी। इसका उद्देश्य है कि छोटे शहरों और गांवों के प्रतिभाशाली बच्चों तक भी अंतरिक्ष शिक्षा की पहुंच बने।
ISRO: आवेदन की तारीखें ध्यान रखें
युविका 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। इच्छुक छात्र 31 मार्च 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट yuvika.isro.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है। वहीं 13 अप्रैल 2026 को अस्थायी चयन लिस्ट जारी होगी। 11 मई से 22 मई 2026 ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। फॉर्म भरते समय स्कूल का सही UDISE+ कोड और अंक पत्र की जानकारी तैयार रखें।
ISRO Young Scientist Program: चयन के बाद क्या होगा?
चयनित छात्रों को इसरो के अलग-अलग केंद्रों पर बुलाया जाएगा। वहां उन्हें 2 सप्ताह का रेजिडेंशियल ट्रेनिंग दिया जाएगा। रहने और खाने का पूरा खर्च इसरो उठाएगा। इस दौरान छात्र लैब का दौरा करेंगे, विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेंगे और अंतरिक्ष मिशनों से जुड़ी बुनियादी जानकारियां सीखेंगे।


