लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला करके इजराइल बुरी तरह फंस गया है। इसी तरह, ईरान को इजराइल के खिलाफ हमले में एक नया सहयोगी भी मिल गया है।
ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने सोमवार को बताया कि हिज़्बुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में इजराइली ठिकानों और सेना के केंद्रों को निशाना बनाते हुए 63 सैन्य अभियान चलाए हैं।
हिज़्बुल्लाह द्वारा जारी एक बयान का हवाला देते हुए प्रेस टीवी ने कहा कि ये अभियान लेबनानी क्षेत्र और लोगों की रक्षा करने के लिए चलाए गए। जो हाल ही में हुए इजराइली हमलों के सीधे जवाब के तौर पर शुरू किए गए हैं।
इजराइल में कहां हुआ हमला?
अभियानों में रॉकेटों की बौछार, आक्रामक ड्रोन हमले और तोपखाने से इजराइल में भारी गोलीबारी की गई। हमले में इजराइल के सीमावर्ती इलाकों में तैनात सैन्य ठिकानों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। हमले सीधे तौर पर इजराइली सेना के जमावड़े, बख्तरबंद वाहन, सैन्य अड्डे और सैनिकों पर हुए।
‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने शनिवार को बताया था कि उत्तरी शहर माअलोट-तर्शीहा में हिज़्बुल्लाह का एक रॉकेट एक घर पर गिरा। जिसमें पांच लोग मामूली रूप से घायल हो गए।
इजराइल में दागे गए कई रॉकेट
हिज़्बुल्लाह ने शनिवार को उत्तरी इजराइल पर कई रॉकेट दागे, जिससे कई इमारतों और बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा। इस बीच, ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने यह भी बताया कि इजराइली वायुसेना ने रविवार को लेबनान की लिटानी नदी पर बने एक पुल को उड़ा दिया।
इजराइल ने हिज़्बुल्लाह पर आरोप लगाया था कि वह इस पुल का इस्तेमाल अपने लड़ाकों और हथियारों को देश के दक्षिणी हिस्से में पहुंचाने के लिए कर रहा है।
लेबनान ने तनाव बढ़ने का दिया था संकेत
लिटानी नदी पर बने कसमिया पुल पर किए गए इस हमले पर बेरूत ने कड़ा रोष व्यक्त किया। साथ ही चेतावनी दी कि यह कदम खतरनाक रूप से तनाव बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
बेरूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह हस्तक्षेप करे और इजराइल को लेबनान में अपने सैन्य अभियानों का विस्तार करने से रोके।
उधर, इजराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। हिज़्बुल्लाह को देश के और भीतरी इलाकों में पीछे धकेल दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ के अनुसार, कसमिया पुल 2 मार्च के बाद से इजराइल द्वारा निशाना बनाया जाने वाला पांचवां पुल था।


