Israel Downs F-14: इस्फहान हवाई अड्डा दहल उठा, इजरायल ने ईरान के कई F-14 जेट उड़ाए

Israel Downs F-14: इस्फहान हवाई अड्डा दहल उठा, इजरायल ने ईरान के कई F-14 जेट उड़ाए

F-14 : इजरायल ने ईरान के इस्फहान एयरपोर्ट पर हमला (Israel Iran War) कर कई पुराने अमेरिकी मूल के F-14 टॉमकैट लड़ाकू विमानों (F-14 Destroyed) को नष्ट कर दिया। यह घटना इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान हुई, जहां इजरायली वायुसेना ने ईरान के हवाई ठिकानों पर (Isfahan Airport Strike) कड़ा प्रहार किया। यह हमला 7-8 मार्च 2026 के आसपास हुआ, जब इजरायल ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक स्थलों पर हवाई हमले तेज कर दिए। इजरायली रक्षा बलों (IDF Airstrikes) ने दावा किया कि इस्फहान एयरपोर्ट पर हमले में F-14 जेट्स के साथ-साथ रडार और हवाई रक्षा प्रणालियां भी नष्ट की गईं। ये F-14 विमान ईरान की वायुसेना के पुराने लेकिन महत्वपूर्ण हिस्से थे, जो 1970 के दशक में अमेरिका से खरीदे गए थे। इजरायल का कहना है कि इन हमलों से ईरान के ऊपर हवाई नियंत्रण मजबूत हुआ है। ईरान-इजरायल संघर्ष फरवरी 2026 के अंत से तेज हो गया है, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े हमले शुरू किए। इस युद्ध में इजरायली F-35 जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट्स सक्रिय हैं, जबकि ईरान के पुराने विमान जैसे F-14, F-4 और Yak-130 पर हमले हो रहे हैं। इससे पहले मार्च की शुरुआत में इजरायल के F-35 ने तेहरान के ऊपर एक ईरानी Yak-130 को मार गिराया था, जो F-35 का पहला मानवयुक्त विमान मार गिराने का मामला था।

वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है (Global oil supplies )

इजरायल ने हाल के हमलों में तेहरान के तेल भंडारण केंद्रों, परमाणु से जुड़े ठिकानों और अन्य सैन्य अड्डों पर भी प्रहार किए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन इजरायल की उन्नत तकनीक से ज्यादातर रोके गए। इस संघर्ष से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा है, और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इन घटनाओं की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया ने कुछ दावे किए, लेकिन इजरायली पक्ष ने उन्हें खारिज किया। युद्ध अब 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और दोनों पक्षों के बीच हवाई श्रेष्ठता की लड़ाई जारी है।

इजरायल भूमिगत मिसाइल साइट्स पर हमले बढ़ा सकता है (Middle East Conflict)

बहरहाल, यह घटना इजरायल की सैन्य श्रेष्ठता दिखाती है, लेकिन ईरान के पुराने विमानों का नुकसान उसकी हवाई रक्षा को और कमजोर कर सकता है। दुनिया चिंतित है कि यह युद्ध और बड़ा न हो जाए। अगले दिनों में इजरायल भूमिगत मिसाइल साइट्स पर हमले बढ़ा सकता है, जबकि ईरान जवाबी मिसाइल हमलों से क्षेत्रीय अस्थिरता फैला सकता है। ईरान के F-14 जैसे पुराने विमान अब रखरखाव की समस्या से जूझ रहे हैं, और युद्ध में उनका इस्तेमाल सीमित रहा। इजरायल की रणनीति ईरान की हवाई ताकत को पहले ही खत्म करने की लगती है।

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