क्या होर्मुज पर अमेरिका के साथ हमले की योजना बना रहा इंग्लैंड? UK पीएम कीर स्टार्मर ने दिए ये संकेत

क्या होर्मुज पर अमेरिका के साथ हमले की योजना बना रहा इंग्लैंड? UK पीएम कीर स्टार्मर ने दिए ये संकेत

UK-US discussed Strait hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच 7 अप्रैल से दो सप्ताह के लिए युद्धविराम लागू होने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के रुख से वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल है, जिसके चलते कई देशों को तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बातचीत की है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने खुद इसकी जानकारी देते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्होंने एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही, सैन्य क्षमताओं और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। खाड़ी देशों की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, ‘हम देशों का एक गठबंधन बना रहे हैं, जो एक राजनीतिक और कूटनीतिक योजना पर काम कर रहा है, साथ ही सैन्य क्षमताओं और होर्मुड स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है।’

उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा, ‘कल रात हुई चर्चा का मुख्य बिंदु यही था। यहां हुई मेरी चर्चाओं पर विचार-विमर्श के साथ-साथ होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन के संबंध में एक व्यावहारिक योजना पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।’

नाटो को लेकर बयान

जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से नाटो से अमेरिका के हटने की धमकियों से जुड़े सवाल पर पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह गठबंधन अमेरिका और यूरोप दोनों के हित में है। नाटो एक रक्षात्मक गठबंधन है, जिसने दशकों से हमें कहीं अधिक सुरक्षित रखा है।

डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल न लगाए। वैश्विक ऊर्जा संकट के बढ़ते प्रभाव के चलते जापान ने शुक्रवार को आपातकालीन स्थिति में तेल की अतिरिक्त आपूर्ति जारी करने की घोषणा की।

आपको बता दें कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध ने खाड़ी देशों के ऊर्जा उत्पादन को नुकसान पहुंचाया है, टैंकरों का आवागमन प्रभावित हुआ है और तेल की कीमतों में लगभग 50% की वृद्धि हुई है। यह दुनिया का सबसे गंभीर ऊर्जा संकट माना जा रहा है, जिसमें एशियाई खरीदार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

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