औरंगाबाद में ‘हर घर नल जल’ योजना में गड़बड़ी:कार्यपालक अभियंता शमी अख्तर सस्पेंड; काम में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का आरोप

औरंगाबाद में ‘हर घर नल जल’ योजना में गड़बड़ी:कार्यपालक अभियंता शमी अख्तर सस्पेंड; काम में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का आरोप

औरंगाबाद में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय समीक्षा और राज्यव्यापी निरीक्षण के क्रम में औरंगाबाद सहित अन्य जिलों में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दो कार्यपालक अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता मो. शमी अख्तर को योजना के संचालन में लापरवाही, वित्तीय अनुशासनहीनता और शिकायत निवारण में विफलता के आरोप में निलंबित किया गया है। विभागीय जांच में यह सामने आया कि उनके कार्यकाल के दौरान नल-जल योजनाओं के अनुरक्षण एवं मरम्मति (OM) कार्यों के भुगतान में अनावश्यक विलंब किया गया। साथ ही निविदा निष्पादन में प्रक्रियागत अनियमितताएं भी पाई गईं। मरम्मती कार्य के लिए 8.26 करोड़ रुपए का हुआ था आवंटन सबसे गंभीर मामला औरंगाबाद जिले से जुड़ा है, जहां नल-जल योजना की मरम्मति के लिए 826 लाख रुपए (8.26 करोड़) का आवंटन किया गया था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह राशि खर्च भी कर दी गई, लेकिन धरातल पर कार्य दिखाई नहीं देने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। ग्रामीण इलाकों में कई जगह नल सूखे पड़े हैं, जलापूर्ति बाधित है और शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। CGRC पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निष्पादन में भी बार-बार गड़बड़ी पाई गई। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती गई। जहानाबाद के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता पर भी गिरा गाज इसी कार्रवाई के तहत जहानाबाद के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अमित कुमार को भी निलंबित किया गया है। अमित कुमार को फिलहाल सासाराम जिले का कार्यपालक अभियंता बनाया गया था। हालांकि विभागीय फोकस औरंगाबाद पर अधिक रहा, क्योंकि यहां योजना की स्थिति को लेकर लगातार गंभीर प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे थे। अनियमितता के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा कार्रवाई इस पूरे मामले पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि ‘हर घर नल का जल योजना’ राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग नियमित समीक्षा करता है और जहां भी लापरवाही पाई जाती है, वहां नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाती है। मंत्री ने यह भी दोहराया कि विभाग का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जवाबदेह और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद अगर औरंगाबाद जैसे जिले में भारी आवंटन के बाद भी काम जमीन पर नहीं दिखता, तो भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद औरंगाबाद जिले में नल-जल योजना के कार्यों की दोबारा समीक्षा और फील्ड स्तर पर सघन जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि आम जनता को जल्द राहत मिल सके। औरंगाबाद में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय समीक्षा और राज्यव्यापी निरीक्षण के क्रम में औरंगाबाद सहित अन्य जिलों में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दो कार्यपालक अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता मो. शमी अख्तर को योजना के संचालन में लापरवाही, वित्तीय अनुशासनहीनता और शिकायत निवारण में विफलता के आरोप में निलंबित किया गया है। विभागीय जांच में यह सामने आया कि उनके कार्यकाल के दौरान नल-जल योजनाओं के अनुरक्षण एवं मरम्मति (OM) कार्यों के भुगतान में अनावश्यक विलंब किया गया। साथ ही निविदा निष्पादन में प्रक्रियागत अनियमितताएं भी पाई गईं। मरम्मती कार्य के लिए 8.26 करोड़ रुपए का हुआ था आवंटन सबसे गंभीर मामला औरंगाबाद जिले से जुड़ा है, जहां नल-जल योजना की मरम्मति के लिए 826 लाख रुपए (8.26 करोड़) का आवंटन किया गया था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह राशि खर्च भी कर दी गई, लेकिन धरातल पर कार्य दिखाई नहीं देने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। ग्रामीण इलाकों में कई जगह नल सूखे पड़े हैं, जलापूर्ति बाधित है और शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। CGRC पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निष्पादन में भी बार-बार गड़बड़ी पाई गई। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती गई। जहानाबाद के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता पर भी गिरा गाज इसी कार्रवाई के तहत जहानाबाद के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अमित कुमार को भी निलंबित किया गया है। अमित कुमार को फिलहाल सासाराम जिले का कार्यपालक अभियंता बनाया गया था। हालांकि विभागीय फोकस औरंगाबाद पर अधिक रहा, क्योंकि यहां योजना की स्थिति को लेकर लगातार गंभीर प्रतिवेदन प्राप्त हो रहे थे। अनियमितता के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा कार्रवाई इस पूरे मामले पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि ‘हर घर नल का जल योजना’ राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग नियमित समीक्षा करता है और जहां भी लापरवाही पाई जाती है, वहां नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाती है। मंत्री ने यह भी दोहराया कि विभाग का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जवाबदेह और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद अगर औरंगाबाद जैसे जिले में भारी आवंटन के बाद भी काम जमीन पर नहीं दिखता, तो भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद औरंगाबाद जिले में नल-जल योजना के कार्यों की दोबारा समीक्षा और फील्ड स्तर पर सघन जांच की संभावना जताई जा रही है, ताकि आम जनता को जल्द राहत मिल सके।  

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