वजीरगंज प्रखंड के बिच्छा पंचायत स्थित कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण प्रखंड प्रमुख फुलवा देवी और उपप्रमुख जनार्दन पासवान ने किया। निरीक्षण के दौरान सोमवार को वितरित किए जाने वाले टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण में अधिकांश केंद्रों पर अनियमितताएं पाई गईं। प्रखंड प्रमुख फुलवा देवी ने बताया कि सोमवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर के तहत पोषाहार वितरण किया जाना था, लेकिन वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली देखी गई। करीब 12 बजे मलिकपुर गांव स्थित केंद्र संख्या 36 के औचक निरीक्षण में सहायिका उपस्थित थीं, लेकिन सेविका अनुपस्थित पाई गईं। केंद्र पर केवल 6 बच्चे मौजूद थे और टीएचआर का वितरण नहीं किया जा रहा था। साढ़े बारह बजे आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 41 (बिच्छा दक्षिणी) के निरीक्षण में केवल 7 बच्चे उपस्थित मिले। वितरण पंजी में लाभार्थियों के नाम दर्ज थे, लेकिन पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा था। केंद्र संख्या 40 (बिच्छा उत्तरी) पर भोजन में पुलाव बताया गया, लेकिन बच्चों से पूछताछ करने पर उन्होंने खाना नहीं मिलने की जानकारी दी। पोषाहार वितरण में डेढ़ किलो चावल और आधा किलो दाल ही दिया जा रहा था। लगभग डेढ़ बजे कांधा गांव स्थित केंद्र संख्या 35 का निरीक्षण किया गया। यहां 11 लाभार्थियों के बीच पोषाहार वितरण रजिस्टर पर अंकित था, लेकिन वजन नहीं किया गया था। लाभार्थियों को लगभग एक किलो चावल और चार सौ ग्राम दाल दिया जा रहा था। पौने दो बजे खानपुर गांव स्थित केंद्र संख्या 33 पर प्रखंड प्रमुख की टीम पहुंची, तो केंद्र बंद पाया गया। इस निरीक्षण के दौरान प्रखंड प्रमुख और उपप्रमुख के अलावा पंचायत समिति सदस्य संतोष यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। वजीरगंज प्रखंड के बिच्छा पंचायत स्थित कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण प्रखंड प्रमुख फुलवा देवी और उपप्रमुख जनार्दन पासवान ने किया। निरीक्षण के दौरान सोमवार को वितरित किए जाने वाले टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण में अधिकांश केंद्रों पर अनियमितताएं पाई गईं। प्रखंड प्रमुख फुलवा देवी ने बताया कि सोमवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर के तहत पोषाहार वितरण किया जाना था, लेकिन वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली देखी गई। करीब 12 बजे मलिकपुर गांव स्थित केंद्र संख्या 36 के औचक निरीक्षण में सहायिका उपस्थित थीं, लेकिन सेविका अनुपस्थित पाई गईं। केंद्र पर केवल 6 बच्चे मौजूद थे और टीएचआर का वितरण नहीं किया जा रहा था। साढ़े बारह बजे आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 41 (बिच्छा दक्षिणी) के निरीक्षण में केवल 7 बच्चे उपस्थित मिले। वितरण पंजी में लाभार्थियों के नाम दर्ज थे, लेकिन पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा था। केंद्र संख्या 40 (बिच्छा उत्तरी) पर भोजन में पुलाव बताया गया, लेकिन बच्चों से पूछताछ करने पर उन्होंने खाना नहीं मिलने की जानकारी दी। पोषाहार वितरण में डेढ़ किलो चावल और आधा किलो दाल ही दिया जा रहा था। लगभग डेढ़ बजे कांधा गांव स्थित केंद्र संख्या 35 का निरीक्षण किया गया। यहां 11 लाभार्थियों के बीच पोषाहार वितरण रजिस्टर पर अंकित था, लेकिन वजन नहीं किया गया था। लाभार्थियों को लगभग एक किलो चावल और चार सौ ग्राम दाल दिया जा रहा था। पौने दो बजे खानपुर गांव स्थित केंद्र संख्या 33 पर प्रखंड प्रमुख की टीम पहुंची, तो केंद्र बंद पाया गया। इस निरीक्षण के दौरान प्रखंड प्रमुख और उपप्रमुख के अलावा पंचायत समिति सदस्य संतोष यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।


