इराक ने खत्म किया 40 साल का सूखा, बोलीविया को हराकर हासिल किया फीफा वर्ल्डकप 2026 का टिकट

इराक ने खत्म किया 40 साल का सूखा, बोलीविया को हराकर हासिल किया फीफा वर्ल्डकप 2026 का टिकट

इससे पहले इराक ने आखिरी बार 1986 में यह मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट खेला था, जिसकी सह-मेजबानी मेक्सिको ने ही की थी। हालांकि, उस समय टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। 

Iraq Qualified for Fifa World Cup 2026: इराक ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफिकेशन का 40 साल पुराना इंतजार खत्म कर दिया है। इराक ने बुधवार को मोंटेरे स्टेडियम में खेले गए क्वालिफायर के आखिरी मैच में बोलीविया के खिलाफ 2-1 से रोमांचक जीत दर्ज की। बोलीविया के खिलाफ इराक ने मुकाबले के 10वें मिनट में ही 1-0 से बढ़त बना ली थी। ल्यूटन टाउन के स्ट्राइकर आमिर अल अम्मारी ने एक कॉर्नर से अल हमादी को गेंद दी, जिन्होंने अपने हेडर से गोलकीपर को छकाते हुए गोल कर दिया।

हालांकि, बोलीविया ने दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और 38वें मिनट में जोरदार वापसी की। रामिरो वाका के डिफेंस को चीरते हुए पास के बाद मोइसेस पनियागुआ ने 12 गज की दूरी से एक जोरदार शॉट लगाकर स्कोर बराबर कर दिया। इराक के हुसैन ने 53वें मिनट में अपनी टीम की बढ़त फिर से कायम कर दी, उन्होंने अपनी दौड़ का समय एकदम सही रखा और मार्को फरजी के क्रॉस को आठ गज की दूरी से एक लो फर्स्ट-टाइम वॉली के साथ गोल में बदल दिया। बोलीविया ने मैच के तनावपूर्ण अंत में देर से गोल करने के लिए जोर लगाया, लेकिन इराक ने मजबूती से बचाव किया और वर्ल्ड कप में स्थान बना लिया।

इराक को मिला मुश्किल ग्रुप

इराक को वर्ल्ड कप के एक मुश्किल ग्रुप ‘1’ में रखा गया है, जहां ग्रुप स्टेज में उसका मुकाबला वर्ल्ड कप 2022 के रनर-अप फ्रांस के साथ-साथ सेनेगल और नॉर्वे से होगा। इससे पहले इराक ने आखिरी बार 1986 में यह मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट खेला था, जिसकी सह-मेजबानी मेक्सिको ने ही की थी। हालांकि, उस समय टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। अब 4 दशक के बाद इराक की टीम उसी जगह लौटकर अपनी पहली फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने के लिए 47 टीमों के साथ मुकाबला करेगी।

इराक के हेड कोच ग्राहम अर्नोल्ड ने मैच के बाद कहा, “मुझे खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा करना है। उनकी काम करने की लगन, उन्होंने असली इराकी मानसिकता दिखाई, लड़ने की और अपनी जान दांव पर लगाने की, इसीलिए हम यह मैच जीत पाए।” दूसरी ओर, मैच हारने के बाद, बोलीविया के हेड कोच ऑस्कर विलेगास ने कहा, “यह बहुत मुश्किल है। हम इस वर्ल्ड कप में शामिल होना चाहते थे। हमने इसके लिए बहुत मेहनत की थी। मुझे अपने खिलाड़ियों पर, उनकी हिम्मत पर, और जिस तरह से वे आखिर तक लड़े, उस पर गर्व है। मुझे अपने देश और लोगों की उम्मीदों के लिए सच में बहुत अफसोस है।”

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