Iran Attacks Israeli Ship: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक और खतरनाक हमला कर दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने इजरायल से जुड़े एक कमर्शियल जहाज ‘MSC Ishyka’ पर ड्रोन से हमला किया, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई और आसमान तक लपटें उठने लगीं।
इजरायली जहाज पर ड्रोन से हमला
ईरानी सरकारी मीडिया ‘सेपाह न्यूज’ के अनुसार, IRGC नेवी कमांडर ने बताया कि बहरीन के खलीफा बिन सलमान बंदरगाह क्षेत्र में स्थित इस जहाज पर हमला किया गया। जहाज इजरायली शासन के मालिकाना हक वाला था, हालांकि उस पर लाइबेरिया का झंडा लगा हुआ था। गार्ड्स की नौसेना ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि होर्मुज में जायोनी शासन से जुड़े जहाज पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे जहाज में आग लग गई।
जहाज पर उठती दिखी काली धुएं और आग की लपटें
मैरिन ट्रैफिक वेबसाइट के डेटा के मुताबिक, शुक्रवार रात तक यह जहाज बहरीन बंदरगाह पर ही खड़ा था। हमले की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें जहाज से उठती काली धुएं और आग की लपटें साफ दिख रही हैं। हालांकि, इस हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है।
युद्ध का चौथा सप्ताह, ईरान का जवाबी हमला
यह युद्ध 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर आई थी, जिसके बाद ईरान ने पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। बाद में ईरान ने भारत जैसे मित्र देशों के लिए स्ट्रेट आंशिक रूप से खोल दिया, लेकिन इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा।
इस घटना से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। इजरायल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को अपने रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी स्ट्रेट से गुजरता है। हमले के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में फिर उछाल आने की आशंका है।
भारत पर असर, LPG टैंकर सुरक्षित गुजरा
भारत सरकार ने शनिवार को राहत की खबर दी। जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी ले जा रहा भारतीय झंडे वाला टैंकर ‘ग्रीन सांव्वी’ 46,650 मीट्रिक टन कार्गो और 25 नाविकों के साथ होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजर गया। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है। पिछले हफ्तों में भारत ने कई जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है।


