US Airstrike in Iran: ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक में एक बड़ा दावा सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार भारत आने वाली एक मानवीय मिशन की फ्लाइट इस हमले में क्षतिग्रस्त हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विमान ईरान की निजी एयरलाइन माहान एयर का था, जो भारत आने की तैयारी में था।
बताया जा रहा है कि इस फ्लाइट का उद्देश्य भारत से दवाइयों और राहत सामग्री लेकर ईरान लौटना था। यह विमान 1 अप्रैल को दिल्ली पहुंचने वाला था।
अधिकारियों ने क्या कहा
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिका ने हमला किया। इसमें विमान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस हमले को लेकर अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं इस घटना के चलते मानवीय सहायता मिशन पर असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में युद्ध के कारण राहत कार्य जारी हैं।
ईरानी दूतावास ने युद्ध अपराध दिया करार
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने इस हमले को युद्ध अपराध करार दिया। दूतावास ने कहा कि ईरानी एयरक्राफ्ट पर हमला एक वॉर क्राइम है और इंटरनेशनल कानून का साफ उल्लंघन है।
भारत की ओर से भेजी जा रही मदद
बता दें कि भारत की ओर से ईरान में मेडिकल सहायता भेजी जा रही है। इसकी पहली खेप 18 मार्च को भेजी जा चुकी है, जिसे ईरानी रेड क्रेसेंट सोसायटी के जरिए पहुंचाया गया था। इस मदद के लिए भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने आभार भी जताया था।
कश्मीर से भी मिला समर्थन
ईरान के समर्थन में जम्मू-कश्मीर से भी मदद सामने आई है। कई इलाकों में लोगों ने चंदा अभियान चलाकर राहत सामग्री जुटाई। खासतौर पर बडगाम और बारामुला जिलों में लोगों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। वहीं जम्मू कश्मीर से चंदे को लेकर कई वीडियो भी सामने आ रहे हैं।
ईरान की सेना को लेकर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और उसके रक्षा औद्योगिक ढांचे को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमेशा के लिए नियंत्रण स्थापित करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका आने वाले कुछ हफ्तों में अपने उद्देश्यों को हासिल कर लेगा।
रुबियो ने इंटरव्यू में कहा कि हम ईरान की नौसेना को तबाह कर रहे हैं। हम उनके मिसाइल लॉन्चरों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर रहे हैं। हम उनके रक्षा औद्योगिक ढांचे को खत्म करने जा रहे हैं, यानी भविष्य में नई मिसाइलें और ड्रोन बनाने की उनकी क्षमता को खत्म कर देंगे, क्योंकि यह क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा है। अभी जो ईरान आप देख रहे हैं, यह अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है।


