Iran Israel War: ईरान के बड़े नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई सहित कई अन्य नेताओं की जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा

Iran Israel War: ईरान के बड़े नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई सहित कई अन्य नेताओं की जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा

Iran Israel War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब एक नया कदम सामने आया है। अमेरिका ने ईरान के कुछ बड़े नेताओं के बारे में जानकारी देने वालों के लिए भारी इनाम की घोषणा की है। इस सूची में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के तहत यह घोषणा की है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके पास इन नेताओं से जुड़ी कोई विश्वसनीय जानकारी है तो वे शेयर करें। जानकारी देने वाले व्यक्ति को अधिकतम एक करोड़ डॉलर तक का इनाम दिया जा सकता है।

Iran Israel War: अमेरिका ने लगाए कई गंभीर आरोप

अमेरिका का आरोप है कि ये लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हैं और दुनिया के कई हिस्सों में कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से इनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए यह इनाम घोषित किया गया है। इस लिस्ट में सिर्फ मोजतबा खामेनेई ही नहीं हैं, बल्कि ईरान सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। इनमें ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब, डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ अली असगर हेयाजी, मेजर जनरल याह्या रहीम सफवी, गृह मंत्री ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी जैसे नाम शामिल हैं।

Iran Israel news: जानकारी देने वाले व्यक्ति को सुरक्षा की पेशकश

अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि अगर किसी के पास इन अधिकारियों या आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडरों के बारे में पुख्ता जानकारी है तो वह सुरक्षित तरीके से संपर्क कर सकता है। इसके लिए “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म या टोर नेटवर्क पर उपलब्ध सुरक्षित चैनलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।इतना ही नहीं, अमेरिका ने यह भी कहा है कि अगर जानकारी देने वाले व्यक्ति को सुरक्षा की जरूरत पड़ती है, तो उसे किसी दूसरे देश में बसाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

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