Iran Israel war: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। ताजा विवाद ईरान के केश्म द्वीप पर स्थित एक फ्रेश पानी के डीसेलिनेशन प्लांट पर हुए हमले को लेकर सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे “खुला अपराध” बताया है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने केश्म द्वीप के उस प्लांट को निशाना बनाया है जो समुद्री पानी को साफ कर पीने योग्य बनाता है। उनके मुताबिक इस हमले की वजह से आसपास के करीब 30 गांवों की पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी देश के नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
Iran Israel war: ईरानी के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई से एक गलत परंपरा शुरू होती है। उनके शब्दों में, “यह मिसाल अमेरिका ने बनाई है, ईरान ने नहीं।” दूसरी तरफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर बिल्कुल अलग रुख दिखाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और अब उन पर हमले नहीं करने का वादा किया है।
Donald Trump: ट्रंप जा जवाब
ट्रंप ने लिखा कि यह बदलाव अमेरिका और इजराइल की लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण हुआ है। उनके मुताबिक ईरान पहले पूरे मध्य पूर्व में दबदबा बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब उसकी स्थिति कमजोर हो चुकी है। उन्होंने अपने पोस्ट में तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान अब “मिडिल ईस्ट का दबंग” नहीं रहा, बल्कि “सबसे बड़ा हारने वाला” बन गया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका आगे और कड़ी कार्रवाई पर विचार कर रहा है और ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


