Iran-Israel War: ईरान-इजरायल जंग का एक महीना पूरा हो गया है। इस बीच तेहरान से खबरें निकलकर आ रही हैं कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और IRGC के कमांडरों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं। ये मतभेद ईरान की तरफ से कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन जैसे खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों को लेकर सामने आए हैं।
इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि IRGC ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को साफतौर पर बता दिया है कि युद्ध की स्थिति में किन देशों पर हमला किया जाएगा, वह हमारे कमांडर ही तय करेंगे। जबकि, राष्ट्रपति पेजेश्कियन का मानना है कि पड़ोसियों पर हमले करने से ईरान की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचेगा और डिस्कलेशन का विकल्प भी खत्म हो जाएगा।
पेंटागन जमीनी कार्रवाई की तैयारी में है: अमेरिकी मीडिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब ईरान से युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत के दावे कर रहे हैं। वहीं अमेरिकी सेना और इजरायल, ईरान पर जमीनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। पेंटागन ने इसकी योजना तैयार की है। मरीन और नौसैनिकों की एक और यूनिट पश्चिम एशिया पहुंच चुकी है।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार खर्ग द्वीप पर कब्जा और होर्मुज के आसपास जहाजों को निशाना बनाने वाले ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं। अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली अरब सागर पहुंच चुका है। इस पर 2500 मरीन सैनिक तैनात हैं। ईरान भी इसे लेकर चौकन्ना है। ईरानी संसद के स्पीकर मो. बाकिर कालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर हमारी सेनाएं अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही हैं, ताकि उन्हें जलाकर राख कर सकें।
होर्मुज के बाद ‘गेट ऑफ टियर्स’ की बारी?
दुनिया में तेल आपूर्ति के अहम रास्ते होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट खत्म हुआ नहीं है। इस बीच एक और बड़े व्यापारिक रास्ते के बंद होने का बढ़ गया है। स्वेज नहर को लाल सागर और वहां से हिंद व अरब सागर को जोडऩे वाला प्रमुख समुद्री रास्ता बाब अल-मंदेब को बंद करने की धमकी ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने दी है। इस रास्ते को ‘गेट ऑफ टियर्स’ भी कहा जाता है। इससे दुनिया की 12 फीसदी तेल व गैस आपूर्ति होती है।
18 मील चौड़ा रास्ता
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य का सबसे संकीर्ण प्वाइंट महज 18 मील चौड़ा है। यहां पोतों के आने जाने के लिए दो- दो मील चौड़े चैनल उपलब्ध हैं। 2023 में हूती विद्रोहियों ने यहां पर पोतों को निशाना बनाया था। इस रास्ते को भी अगर बंद करने में हूती विद्रोही और ईरान कामयाब होते हैं तो दुनिया की वैश्विक तेल आपूर्ति का 32 % हिस्सा खतरे में आ जाएगा। इसके वैकल्पिक रास्ते के तौर पर पूरे अफ्रीका का चक्कर लगा कर पोतों को जाना पड़ेगा। इससे परिवहन लागत 40 % तक बढ़ेगी और समय भी ज्यादा लगेगा।
डे- 30
- पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का दावा है कि ईरान ने उनके 20 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की मंजूरी दी है।
- तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद ईरान की धमकी खाड़ी देशों में स्थित इजरायली व अमरीकी यूनिवर्सिटीज पर करेंगे हमले।
- तनाव कम करने की कोशिशों को लेकर पाकिस्तान में सऊदी अरब, तुर्किए और इजिप्ट के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू
- ऊर्जा संकट से जूझ रहे श्रीलंका को भारत ने भेजा 38,000 मीट्रिक टन तेल, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को जताया आभार
- लेबनान में बेरूत और बेका वैली में इजरायल के हमले, दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी तक बढ़ी इजरायली फौज
- 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदे दो भारतीय टैैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। सरकार के अनुसार 18 भारतीय पोत अभी भी फंसे
- सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर खड़ा अमरीकी वायुसेना का ई-3 सेंट्री अवॉक्स विमान ईरानी मिसाइल हमले में तबाह
- ईरान के मिनाब में स्कूल पर हमले में 170 छात्राओं की मौत का जिम्मेदार मानते हुए ईरान ने दो अमरीकी सैन्य अधिकारियों की फोटो जारी की।
- ईरान के ड्रोन हमलों से बचने के लिए कतर और यूएई ने किया यूक्रेन से समझौता
- अमरीका में तीन हजार से ज्यादा जगहों पर ट्रंप विरोधी प्रदर्शन जारी, 80 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। इजरायल में भी कई जगहों पर पीएम नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन।


