Economic Targets : ईरान और इज़राइल के बीच चल रही जंग (Iran-Israel War) अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है । ईरान की सेना ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि वह अब मिडिल ईस्ट (खाड़ी क्षेत्र) में अमेरिका और इज़राइल के आर्थिक ठिकानों (Economic Targets) और बैंकिंग संपत्तियों (US Israeli Banks) को सीधे तौर पर निशाना बनाएगी। यह सख्त चेतावनी तेहरान में ईरान के एक प्रमुख बैंक की इमारत पर हुए कथित हमलेके ठीक बाद आई है। ईरान के इस आक्रामक रुख से पूरी दुनिया में एक बार फिर से खौफ का माहौल बन गया है। बुधवार (11 मार्च 2026) को तेहरान के खातम अल-अंबिया सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहीम ज़ुल्फ़िकारी ने इस हमले की योजना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल ने अपने ‘विफल अभियान’ की झल्लाहट में ईरान के एक अहम बैंक को निशाना बनाया है। जानकारी के अनुसार, तेहरान में स्थित ‘बैंक सेपाह’ (Bank Sepah Attack) से जुड़ी एक प्रशासनिक इमारत पर रात के अंधेरे में हमला किया गया था। यह बैंक ईरान के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंकों में से एक है और इसके देश की सेना के साथ काफी पुराने और गहरे संबंध रहे हैं।
दुश्मन ने हमारे हाथ खोल दिए हैं (Iran-Israel War)
सैन्य प्रवक्ता ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि इस गैर-कानूनी और असामान्य कृत्य के बाद दुश्मन ने हमारे हाथ खोल दिए हैं। अब ईरान मजबूती के साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली बैंकों को तबाह करेगा। खतरे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने क्षेत्र के आम नागरिकों को बैंकों से कम से कम 1000 मीटर (1 किलोमीटर) दूर रहने की सीधी चेतावनी दी है, ताकि किसी भी संभावित बड़े हमले में आम लोगों की जान को कोई नुकसान न हो।
दुनिया के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण करने की एक सोची-समझी साजिश
इस गंभीर घटनाक्रम पर ईरान के विदेश मंत्रालय की भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बघाई ने अमेरिका और इज़राइल के हालिया सैन्य हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उनका कहना है कि यह पूरी दुनिया के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण करने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी हलचल मच गई
इस ताज़ा धमकी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि यदि ईरान ने सच में अमेरिकी या इज़राइली बैंकों पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला किया, तो यह युद्ध भयानक रूप ले लेगा। अमेरिका पहले से ही इस क्षेत्र में अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखे हुए है। 1000 मीटर दूर रहने की चेतावनी के बाद कई देशों के दूतावासों और कंपनियों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है। आगामी दिनों में इस इलाके में विदेशी निवेशकों के बीच भारी दहशत देखने को मिल सकती है।


