Iran-Israel War: ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के बाद ईरान ने इजरायलl पर एक साथ कई मिसाइलें दाग दीं, जिनमें बेत शेमेश के रिहायशी इलाके में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। हमले के बाद इजरायल डिफेंस फ़ोर्स (IDF) ने ईरानी सरकार को टेरर स्टेट करार देते हुए कहा कि अब मिसाइलों का निशाना सीधे आम लोग बन रहे हैं।
हमले के बाद इजरायल के 20 लोगों का नहीं चल पा रहा पता
रिपोर्ट के मुताबिक, मिसाइल एक आवासीय क्षेत्र में गिरी, जिससे एक सिनेगॉग (यहूदी उपासना स्थल) और सार्वजनिक बम शेल्टर नष्ट हो गए। आसपास के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
शहर के मेयर श्मुएल ग्रीनबर्ग ने बताया कि 20 निवासियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा, “इसका यह मतलब नहीं है कि उनके साथ कुछ हुआ है। हो सकता है हम उन्हें ढूंढ नहीं पा रहे हों, लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने आरोप लगाया कि ईरान ने जानबूझकर नागरिक इलाके को निशाना बनाया। एक्स पर जारी बयान में आईडीएफ ने कहा कि ईरानी शासन ने सीधे बेइत शेमेश के नागरिक इलाके की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे निर्दोष लोगों की जान गई।
आईडीएफ ने कहा कि वह “आतंकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाता है”, जबकि ईरान नागरिकों को युद्ध की रणनीति के तौर पर निशाना बनाता है।
इजरायल डिफेंस फोर्स प्रवक्ता: ईरानी सरकार एक टेरर स्टेट है…
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ऑपरेशन ‘Roaring Lion’ शुरू होने के बाद से ईरान लगातार आम लोगों को निशाना बना रहा है। उनके मुताबिक, हालिया मिसाइल हमले में बेत शेमेश (Beit Shemesh) की कम्युनिटी के कई निर्दोष लोगों की मौत हुई, जो यह दिखाता है कि ईरानी सरकार की यह सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने ईरानी सरकार को ‘टेरर स्टेट’ कहा और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
शोशानी ने यह भी कहा कि इजरायल की सेना एक खतरनाक टेरर स्टेट की सैन्य क्षमता को खत्म करने के लिए हर संभव कोशिश करती रहेगी।
आईडीएफ ने अपने आधिकारिक अकाउंट से लिखा कि ईरान ने सीधे बेत शेमेश के रिहायशी इलाकों पर मिसाइलें दागीं, जिसमें बेगुनाह लोग मारे गए। सेना का कहना है कि ईरानी सरकार जानबूझकर आम नागरिकों को टारगेट करती है, जबकि इज़रायल सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला करता है।
आईडीएफ के अनुसार, ईरान की सरकार अपनी जंग में आम लोगों की मौत को एक “हथियार” की तरह इस्तेमाल करती है—और वे इसी बर्बर रणनीति के खिलाफ लड़ रहे हैं।



