Conflict: अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे अभूतपूर्व और सीधे सैन्य टकराव के बीच ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिये कुवैत और यूएई पर भीषण प्रहार (Iran Attack UAE Kuwait) किया है। इस अप्रत्याशित कदम ने पूरे मध्य पूर्व (Middle East War 2026) को एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की भट्टी में झोंक दिया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय और स्थानीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में ईरान ने यूएई के हवाई क्षेत्र में 180 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। हालांकि यूएई के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ ड्रोन और मिसाइलों के अवशेष अबू धाबी और दुबई के रिहायशी इलाकों(Dubai Missile Alert) में गिरे। दुबई में पाम जुमेराह और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास धमाकों और आग लगने की खबरें आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में अब तक तीन नागरिकों की जान जा चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। यूएई ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
कुवैत में अलर्ट: अमेरिकी बेस निशाने पर (Kuwait US Base Strike)
कुवैत की स्थिति भी बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है। कुवैती रक्षा मंत्रालय के बयानों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान का मुख्य निशाना कुवैत स्थित ‘अली अल-सलेम एयर बेस’ और ‘कैम्प बुहेरिंग’ हैं, जो अमेरिकी सेना के प्रमुख संचालन केंद्र हैं। कुवैत के एयर डिफेंस ने दर्जनों मिसाइलों को इंटरसैप्ट किया है। हमलों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने एहतियातन कुवैत सिटी में अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कुवैती अधिकारियों के हवाले से खबर है कि इन हमलों की चपेट में आने से सैन्यकर्मियों सहित कुछ लोगों की दुखद मौत हुई है।
ईरानी मीडिया का दावा: ‘प्रतिशोध की कार्रवाई’ (Iran Attack UAE)
दूसरी ओर, ईरान के सरकारी टीवी और ‘इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से जुड़ी समाचार एजेंसियों का दावा है कि उनके ड्रोन और मिसाइल हमले पूरी तरह से सटीक रहे हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी धरती पर किए गए हालिया संयुक्त हमलों का सीधा ‘प्रतिशोध’ है। ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी खाड़ी देश अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ करने देगा, उसे परिणाम भुगतने होंगे।


