आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले तेज गेंदबाजों की चोट किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बन जाती है, और इस बार भी कुछ ऐसा ही माहौल नजर आ रहा है। मौजूदा जानकारी के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों की फिटनेस को लेकर परेशान चल रही हैं।
बता दें कि कोलकाता की टीम इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित दिख रही है। टीम के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा घुटने की सर्जरी के कारण लंबे समय तक बाहर रह सकते हैं। गौरतलब है कि टीम प्रबंधन फिलहाल उनके विकल्प की घोषणा नहीं कर रहा, क्योंकि उम्मीद है कि वह टूर्नामेंट के अहम चरण तक फिट हो सकते हैं। वहीं मथीशा पथिराना भी चोट से जूझ रहे हैं, हालांकि रिपोर्ट्स में उनके समय पर फिट होने की संभावना जताई जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कोलकाता ने मुस्तफिजुर रहमान को भी टीम से खो दिया है, जिसके बाद उनकी जगह ब्लेसिंग मुजरबानी को शामिल किया गया है। अब टीम को वैभव अरोड़ा और आकाश दीप जैसे घरेलू गेंदबाजों पर ज्यादा भरोसा करना पड़ेगा, जो टीम की गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की चिंता उनके कप्तान पैट कमिंस की फिटनेस को लेकर है। बता दें कि कमिंस पीठ की चोट से उबर रहे हैं और अभी तक उनकी उपलब्धता को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसी स्थिति में चर्चा है कि टीम की कप्तानी ईशान किशन को सौंपी जा सकती है, जिन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया था।
गौरतलब है कि हैदराबाद की गेंदबाजी इकाई में कमिंस जैसा अनुभव और प्रभाव किसी अन्य गेंदबाज के पास नहीं है। शिवम मावी, जयदेव उनादकट और एहसान मलिंगा जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन उनकी भूमिका सहायक गेंदबाज की ज्यादा मानी जा रही है।
वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड अभी हैमस्ट्रिंग और एड़ी की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार वह काफी समय से मैदान से दूर हैं और शुरुआती मुकाबलों में उनकी उपलब्धता पर सवाल बना हुआ है।
बता दें कि पिछले सीजन में हेजलवुड ने अपनी सटीक गेंदबाजी से टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। फिलहाल उनकी जगह जैकब डफी को मौका मिल सकता है, हालांकि भारतीय परिस्थितियों में उनका प्रभाव सीमित रहने की आशंका जताई जा रही है। टीम को भुवनेश्वर कुमार और यश दयाल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार आईपीएल में तेज गेंदबाजों की फिटनेस कई टीमों के प्रदर्शन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है। फिलहाल टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, इन खिलाड़ियों की वापसी और फॉर्म ही टीमों की दिशा तय करेगी।


