आईपीएल का नया सीजन शुरू होने से पहले ही गेंदबाजों के बीच पर्पल कैप की रेस को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और इस बार भी मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। बता दें कि पर्पल कैप उस गेंदबाज को दी जाती है जो पूरे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेता है।
गौरतलब है कि पिछले सीजन में गुजरात के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 विकेट लेकर यह खिताब अपने नाम किया था, जबकि एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड 32 का है, जिसे ड्वेन ब्रावो और हर्षल पटेल हासिल कर चुके हैं। ऐसे में इस बार कई गेंदबाज इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की कोशिश करेंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, गुजरात टीम के साई किशोर इस रेस में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था और बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ विकेट निकालने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है।
वहीं बेंगलुरु टीम के जैकब डफी इस बार नए चेहरे के तौर पर नजर आएंगे। उनकी स्विंग गेंदबाजी और आखिरी ओवरों में सटीक लाइन लेंथ उन्हें जल्दी विकेट दिला सकती है, जिससे वे इस रेस में आगे निकल सकते हैं।
अगर अनुभव की बात करें तो मुंबई के जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे ऊपर आता है। बता दें कि बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अगर वे पूरा सीजन खेलते हैं तो पर्पल कैप के सबसे बड़े दावेदार बन सकते हैं।
हैदराबाद के ईशान मलिंगा भी इस बार ध्यान खींच रहे हैं। उनकी गेंदबाजी शैली और डेथ ओवरों में विकेट लेने की आदत उन्हें तेजी से आगे बढ़ा सकती है। पिछले सीजन में उन्होंने कम मैचों में ही प्रभाव छोड़ा था।
दिल्ली टीम के लुंगी एनगिडी की बात करें तो वे साझेदारी तोड़ने में माहिर माने जाते हैं। उनकी धीमी गेंद और उछाल भरी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है, हालांकि उनकी फिटनेस इस बार अहम भूमिका निभाएगी।
पंजाब के अर्शदीप सिंह भी इस रेस में पीछे नहीं हैं। बता दें कि दबाव के समय में शांत रहकर यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। पिछले सीजन में उन्होंने 21 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी।
कोलकाता के ब्लेसिंग मुजारबानी अपनी लंबाई और उछाल के कारण अलग पहचान रखते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर वे भारतीय परिस्थितियों में जल्दी ढल जाते हैं तो इस सीजन के उभरते सितारे बन सकते हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार पर्पल कैप की रेस में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहां हर मैच के साथ समीकरण बदलेंगे और छोटे-छोटे प्रदर्शन ही बड़े फर्क तय करेंगे हैं।


