चंडीगढ़ में यूट्यूब विज्ञापन से इन्वेस्टमेंट स्कैम:14.40 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराई, दो पंजाब से अरेस्ट

चंडीगढ़ में यूट्यूब विज्ञापन से इन्वेस्टमेंट स्कैम:14.40 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराई, दो पंजाब से अरेस्ट

चंडीगढ़ में यूट्यूब पर इन्वेस्टमेंट कर मोटा मुनाफा कमाने का विज्ञापन देखकर एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया। विज्ञापन में दिखाई गई आसान कमाई की बातों पर भरोसा कर युवक ने लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद वह व्हाट्सएप के जरिए आरोपियों के संपर्क में आया। आरोपियों ने युवक को फर्जी ट्रेडिंग ऐप “ADVPMA” डाउनलोड करने के लिए कहा। मोटे मुनाफे के लालच में युवक ने 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच अपने HDFC और SBI बैंक खातों से NEFT और IMPS के जरिए कुल 14.40 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब युवक ने रकम निकालने की कोशिश की तो वह पैसे नहीं निकाल पाया। ठगी का अहसास होने पर उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मनीमाजरा निवासी युवक की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। दो आरोपी गिरफ्तार, केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विवेक, निवासी मोहाली, पंजाब (उम्र 32 वर्ष) और ऋषभ गांधी निवासी डकोली (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे और बदले में कमीशन लेते थे। विवेक ने आर्थिक परेशानी के चलते अपना Axis Bank खाता (Prime Enterprises के नाम से) आरोपियों को इस्तेमाल के लिए दिया था। वहीं, ऋषभ ने दिल्ली और नोएडा के अन्य फ्रॉडस्टर्स के साथ मिलकर खाते जुटाने में मदद की। अलग-अलग जगहों पर छापेमारी पुलिस ने मोहाली सेक्टर-56, चंडीगढ़ और पीर मुच्छला डकोली (पंजाब) में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए ये 6 बातें रखें ध्यान में यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर “गारंटीड हाई रिटर्न” वाले निवेश विज्ञापनों से सावधान रहें। व्हाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस से आए लिंक से कोई ऐप डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें। अनजान बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर न करें। फर्जी ऐप पर दिखने वाला मुनाफा असली नहीं होता। निकासी के लिए अतिरिक्त फीस या टैक्स की मांग होना स्कैम का संकेत है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत www.cybercrime.gov.in पर करें या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में संपर्क करें।

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