बिहार के भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर के सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ये धमकियां ई-मेल के माध्यम से भेजी गई हैं, जिनमें कोर्ट परिसरों में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया है। इन ई-मेल के बाद संबंधित जिलों में हड़कंप मच गया और प्रशासन तथा पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। धमकियां मिलने के बाद सभी प्रभावित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, किशनगंज सिविल कोर्ट को सीधे धमकी नहीं मिली है, फिर भी अन्य जिलों की घटनाओं को देखते हुए यहां भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ गौतम कुमार और थाना अध्यक्ष ने स्वयं कोर्ट परिसर का जायजा लिया। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच किशनगंज में कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है और उनके विवरण दस्तावेजों में दर्ज किए जा रहे हैं। एसडीपीओ गौतम कुमार ने बताया कि राज्य स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है और किशनगंज में भी हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और कोर्ट का कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
विभिन्न कोर्टों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही पिछले कुछ महीनों में बिहार के विभिन्न कोर्टों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही हैं। पटना, गया और किशनगंज सहित कई जिलों में पहले भी ई-मेल या अन्य माध्यमों से बम धमकियां मिली थीं, जिनमें से अधिकांश जांच में फर्जी या अफवाह साबित हुईं। बावजूद इसके, ये बार-बार होने वाली घटनाएं न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया प्रशासन ने सभी प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों और आम जनता से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा। बिहार के भागलपुर, समस्तीपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर के सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ये धमकियां ई-मेल के माध्यम से भेजी गई हैं, जिनमें कोर्ट परिसरों में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया है। इन ई-मेल के बाद संबंधित जिलों में हड़कंप मच गया और प्रशासन तथा पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। धमकियां मिलने के बाद सभी प्रभावित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, किशनगंज सिविल कोर्ट को सीधे धमकी नहीं मिली है, फिर भी अन्य जिलों की घटनाओं को देखते हुए यहां भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ गौतम कुमार और थाना अध्यक्ष ने स्वयं कोर्ट परिसर का जायजा लिया। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच किशनगंज में कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है और उनके विवरण दस्तावेजों में दर्ज किए जा रहे हैं। एसडीपीओ गौतम कुमार ने बताया कि राज्य स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है और किशनगंज में भी हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और कोर्ट का कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
विभिन्न कोर्टों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही पिछले कुछ महीनों में बिहार के विभिन्न कोर्टों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही हैं। पटना, गया और किशनगंज सहित कई जिलों में पहले भी ई-मेल या अन्य माध्यमों से बम धमकियां मिली थीं, जिनमें से अधिकांश जांच में फर्जी या अफवाह साबित हुईं। बावजूद इसके, ये बार-बार होने वाली घटनाएं न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया प्रशासन ने सभी प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों और आम जनता से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ा जाएगा।


