इन्वेस्ट यूपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 25000 करोड़ के फर्जी एमओयू को रद्द कर दिया है। इन्वेस्ट यूपी की ओर से इसके लेकर सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया गया है। इसमें बताया गया है कि राज्य सरकार के निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुसार, 23 मार्च को PUCH AI (पुच एआई) के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन की समीक्षा की गई। एसओपी के अनुसार, निवेशक से आवश्यक विवरण मांगे गए, लेकिन वे समय पर उन्हें उपलब्ध नहीं करा पाए। जांच पड़ताल में पता चला कि परियोजना के पैमाने के लिए निवेशक के पास पर्याप्त संपत्ति और विश्वसनीय वित्तीय संबंध नहीं हैं। इसके बाद समझौता ज्ञापन रद्द कर दिया गया। अब जानिए क्या एमओयू हुआ था इनवेस्ट यूपी ने 25 हजार करोड़ की AI डील की तरफ कदम बढ़ाए थे। बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी Puch-AI से मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया था। यह कंपनी सिर्फ डेढ़ साल पुरानी है। 23 मार्च को इनवेस्ट यूपी ने दावा किया था कि इस MOU के बाद यूपी देश का अग्रणी ‘AI प्रदेश’ बनेगा। वहीं, इस MoU के सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर सवाल पूछने लगे थे। उनका कहना था कि इतनी छोटी कंपनी, जिसका टर्नओवर 42.9 लाख रुपए का है, वो इतना बड़ा प्रोजेक्ट कैसे संभालेगी? क्या-क्या था इस प्रोजेक्ट में? डेढ़ साल पुरानी है स्टार्टअप कंपनी
इनवेस्ट यूपी ने जिस Puch-AI से एमओयू किया था, वो डेढ़ साल पुरानी है। बेंगलुरु-आधारित इस स्टार्टअप के फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया और अरजीत जैन हैं। दोनों ने 2025 में खुद के पैसों से यह कंपनी शुरू की थी। Puch-AI शहरी इलाकों से बाहर रहने वाले लोगों के लिए 20 भारतीय भाषाओं में वाट्सएप आधारित फ्री वॉइस AI सेवा देती है। विशेषज्ञों का दावा है कि कंपनी जिस तरीके की सेवा दे रही है, उस तरह की फ्री सेवा पहले से कई कंपनियां दे रही हैं। जैसे ही इस डील की जानकारी सार्वजनिक हुई थी, इस कंपनी को लेकर लोग ट्रोल करने लगे। लिखा- इस स्टार्टअप का सालाना रेवन्यू 50 लाख रुपए भी नहीं है। उससे कैसे 25 हजार करोड़ का MoU कर लिया गया? हालांकि कंपनी की ओर से सफाई में कहा गया है कि कंपनी के दूसरे प्रोजेक्ट भी हैं। कंपनी ने कुछ भी छिपाया नहीं है। कुछ लोग राजनीतिक कारणों से इस पर सवाल उठा रहे हैं।


