बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से सोमवार से मुंगेर के 25 परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गई। पहले ही दिन कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलने पर भावुक होकर परीक्षा केंद्र के बाहर रोते देखा गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम जिले के जमालपुर और हवेली खड़गपुर समेत सभी परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही पुलिस और दंडाधिकारियों की टीम तैनात रही। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मुख्य द्वारों पर गहन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर भेजा गया। पुलिस की लगातार गश्ती, केंद्रों के बाहर की बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पूरे दिन बनी रही। इसके अलावा नकल रोकने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाए गए हैं। सभी कमरों और परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। जिले के डीएम निखिल धनराज और एसपी सैयद इमरान मसूद स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनसे जुड़े सभी पदाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जमालपुर और हवेली खड़गपुर में लेट होने पर प्रवेश से रोका गया पहले दिन जमालपुर और हवेली खड़गपुर के कई केंद्रों पर 9:00 बजे के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को एंट्री गेट पर ही रोक दिया गया। कई छात्र-छात्राएं केंद्र के बाहर रोते हुए प्रशासन से अंदर जाने की अनुमति मांगते रहे, लेकिन सख्त निर्देशों के कारण किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि नकलमुक्त और समयबद्ध परीक्षा संचालन के लिए निर्धारित नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जा सकती। जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पर रोक, चप्पल पहनकर पहुंचे परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इस वर्ष जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सभी परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा देने पहुंचना पड़ा। कई छात्रों और अभिभावकों को इस नियम की जानकारी नहीं थी, जिस कारण गेट के बाहर ही उन्हें जूते-मोजे उतारने पड़े। वीक्षकों के मोबाइल पर रोक, केंद्राधीक्षक केवल कीपैड फोन का उपयोग करेंगे नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों और वीक्षकों को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है। वहीं केंद्राधीक्षक केवल कीपैड मोबाइल का ही उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की वजह से परीक्षा की गोपनीयता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परीक्षा अवधि में दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट, चाय-पान और किताबों की दुकानें परीक्षा अवधि में बंद रखी गईं। कई जगह पुलिस ने दुकानदारों को पूर्व निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया। केंद्रों के पास अतिरिक्त भीड़ न हो, इसके लिए माइकिंग के माध्यम से अभिभावकों को भी दूर रहने की अपील की गई। दो पालियों में परीक्षा, समय से पहले पहुंचने का निर्देश परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है- पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे तक और दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को 1:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। 16,826 परीक्षार्थी शामिल, केंद्रों पर सख्त प्रशासनिक पहरा सदर अनुमंडल में 17 और तारापुर तथा हवेली खड़गपुर में चार-चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल 16,826 परीक्षार्थी (8,250 छात्र और 8,576 छात्राएं) इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला साइबर सेल चौबीसों घंटे सक्रिय है और गलत या भ्रामक जानकारी पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या समाचार की मौलिकता और लंबाई संतुलित रखने के लिए सभी 25 केंद्रों के आंकड़े संक्षेप में इस प्रकार हैं। जिले के प्रमुख केंद्रों में राजकीय जिला स्कूल (1049), एनसी घोष बालिका उच्च विद्यालय (1033), टाउन उच्च विद्यालय (1065), माडल उच्च विद्यालय (1205) जैसे बड़े परीक्षा केंद्र शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी 300 से 900 परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से सोमवार से मुंगेर के 25 परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गई। पहले ही दिन कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलने पर भावुक होकर परीक्षा केंद्र के बाहर रोते देखा गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम जिले के जमालपुर और हवेली खड़गपुर समेत सभी परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही पुलिस और दंडाधिकारियों की टीम तैनात रही। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मुख्य द्वारों पर गहन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर भेजा गया। पुलिस की लगातार गश्ती, केंद्रों के बाहर की बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पूरे दिन बनी रही। इसके अलावा नकल रोकने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाए गए हैं। सभी कमरों और परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। जिले के डीएम निखिल धनराज और एसपी सैयद इमरान मसूद स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनसे जुड़े सभी पदाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जमालपुर और हवेली खड़गपुर में लेट होने पर प्रवेश से रोका गया पहले दिन जमालपुर और हवेली खड़गपुर के कई केंद्रों पर 9:00 बजे के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को एंट्री गेट पर ही रोक दिया गया। कई छात्र-छात्राएं केंद्र के बाहर रोते हुए प्रशासन से अंदर जाने की अनुमति मांगते रहे, लेकिन सख्त निर्देशों के कारण किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि नकलमुक्त और समयबद्ध परीक्षा संचालन के लिए निर्धारित नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जा सकती। जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पर रोक, चप्पल पहनकर पहुंचे परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इस वर्ष जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। सभी परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर ही परीक्षा देने पहुंचना पड़ा। कई छात्रों और अभिभावकों को इस नियम की जानकारी नहीं थी, जिस कारण गेट के बाहर ही उन्हें जूते-मोजे उतारने पड़े। वीक्षकों के मोबाइल पर रोक, केंद्राधीक्षक केवल कीपैड फोन का उपयोग करेंगे नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों और वीक्षकों को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है। वहीं केंद्राधीक्षक केवल कीपैड मोबाइल का ही उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की वजह से परीक्षा की गोपनीयता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परीक्षा अवधि में दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध केंद्रों के आसपास स्थित फोटोस्टेट, चाय-पान और किताबों की दुकानें परीक्षा अवधि में बंद रखी गईं। कई जगह पुलिस ने दुकानदारों को पूर्व निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया। केंद्रों के पास अतिरिक्त भीड़ न हो, इसके लिए माइकिंग के माध्यम से अभिभावकों को भी दूर रहने की अपील की गई। दो पालियों में परीक्षा, समय से पहले पहुंचने का निर्देश परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है- पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे तक और दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को 1:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश देना अनिवार्य है। इसके बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। 16,826 परीक्षार्थी शामिल, केंद्रों पर सख्त प्रशासनिक पहरा सदर अनुमंडल में 17 और तारापुर तथा हवेली खड़गपुर में चार-चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल 16,826 परीक्षार्थी (8,250 छात्र और 8,576 छात्राएं) इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला साइबर सेल चौबीसों घंटे सक्रिय है और गलत या भ्रामक जानकारी पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या समाचार की मौलिकता और लंबाई संतुलित रखने के लिए सभी 25 केंद्रों के आंकड़े संक्षेप में इस प्रकार हैं। जिले के प्रमुख केंद्रों में राजकीय जिला स्कूल (1049), एनसी घोष बालिका उच्च विद्यालय (1033), टाउन उच्च विद्यालय (1065), माडल उच्च विद्यालय (1205) जैसे बड़े परीक्षा केंद्र शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी 300 से 900 परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई है।


