भोजपुर जिले में बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा शुरू हो गई है। पहले दिन बायोलॉजी विषय की परीक्षा है। यह परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। जिले के कुल 39 केंद्रों पर दो पालियों में संचालित होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक, जबकि द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस साल 4,235 परीक्षार्थी ज्यादा इस वर्ष कुल 45,918 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 23,929 छात्र और 21,979 छात्राएं हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4,235 परीक्षार्थी ज्यादा है। चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रवार व्यवस्था के अनुसार आरा सदर अनुमंडल में 28, जगदीशपुर अनुमंडल में 7 तथा पीरो अनुमंडल में 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी परीक्षा देंगे। पुलिस बल की तैनाती परीक्षा को लेकर समाहरणालय में एक ब्रीफिंग का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए। ब्रीफिंग में परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। फोटो स्टेट दुकानों पर विशेष निगरानी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 (1) परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले से लेकर परीक्षा समाप्ति के दो घंटे बाद तक प्रभावी रखी जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनावश्यक भीड़, शोर-शराबा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट दुकानों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। परीक्षार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच की व्यवस्था की गई है। सभी छात्रों की प्रवेश द्वार पर तलाशी ली जाएगी और किसी भी परीक्षार्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। छात्राओं की तलाशी केवल महिला पुलिसकर्मी, महिला वीक्षक या महिला पदाधिकारी द्वारा ही कराई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर महिला वीक्षकों की विशेष प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है। भोजपुर जिले में बिहार इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा शुरू हो गई है। पहले दिन बायोलॉजी विषय की परीक्षा है। यह परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। जिले के कुल 39 केंद्रों पर दो पालियों में संचालित होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक, जबकि द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस साल 4,235 परीक्षार्थी ज्यादा इस वर्ष कुल 45,918 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 23,929 छात्र और 21,979 छात्राएं हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4,235 परीक्षार्थी ज्यादा है। चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रवार व्यवस्था के अनुसार आरा सदर अनुमंडल में 28, जगदीशपुर अनुमंडल में 7 तथा पीरो अनुमंडल में 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी परीक्षा देंगे। पुलिस बल की तैनाती परीक्षा को लेकर समाहरणालय में एक ब्रीफिंग का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए। ब्रीफिंग में परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और अनुशासन को लेकर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। फोटो स्टेट दुकानों पर विशेष निगरानी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 (1) परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले से लेकर परीक्षा समाप्ति के दो घंटे बाद तक प्रभावी रखी जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनावश्यक भीड़, शोर-शराबा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट दुकानों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। परीक्षार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच की व्यवस्था की गई है। सभी छात्रों की प्रवेश द्वार पर तलाशी ली जाएगी और किसी भी परीक्षार्थी को प्रतिबंधित सामग्री के साथ केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। छात्राओं की तलाशी केवल महिला पुलिसकर्मी, महिला वीक्षक या महिला पदाधिकारी द्वारा ही कराई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर महिला वीक्षकों की विशेष प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है।


