आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल के गार्ड को हटाने के निर्देश:एक दिन पूर्व अस्पताल के डॉक्टर और गार्ड पर लगा था गंभीर आरोप

आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल के गार्ड को हटाने के निर्देश:एक दिन पूर्व अस्पताल के डॉक्टर और गार्ड पर लगा था गंभीर आरोप

आजमगढ़ के मंडलीय अस्पताल में गुरुवार को चिकित्सा और सुरक्षा कर्मियों द्वारा बुजुर्ग महिला का हाथ मारपीट की घटना का प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने संज्ञान लिया है। प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ने आजमगढ़ के मंडलीय जिला चिकित्सालय में वृद्ध महिला और तीमारदार के साथ अभद्र व्यवहार संबंधी वायरल वीडियो की गंभीरता के दृष्टिगत अपर निदेशक, चिकित्सा और स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, आजमगढ़ को मौके पर पहुंचकर इस प्रकरण की जांच, सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने और 3 दिन में जांच आख्या उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में जिले के सीएमओ डॉक्टर एन आर वर्मा ने प्रथम दृश्य अस्पताल परिसर में तैनातपुर सैनिक सुरक्षा गार्ड केदार सिंह को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है। इसके साथ उनके स्थान पर अन्य सुरक्षा कर्मी की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक दिन पूर्व हुई थी घटना आजमगढ़ जिले के मंडलीय अस्पताल में गुरुवार को चिकित्सक व सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट और बुजुर्ग महिला का हाथ मरोड़ने का मामला सामने आया था। पीड़ित बेटे ने आरोप लगाया है कि मेरी मां जिनकी उम्र 82 वर्ष से अधिक है के साथ मारपीट की गई। जिससे बुजुर्ग मां को भी चोट लगी। बेटे ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने सिर्फ मां के हाथ का एक्स-रे कराने की बात कही। इसी को लेकर चिकित्सक और सुरक्षाकर्मियों ने मारपीट की। यह है पूरा मामला
आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह परिहार, जो खुद को करणी सेना भारत के पूर्वांचल अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। देवेंद्र सिंह ने बताया कि मां सावित्री देवी को इलाज के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। उनकी मां एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं। जिस कारण उनके हाथ में चोट लग गई थी। देवेंद्र सिंह का कहना है कि वह अपनी मां को लेकर जिला अस्पताल के कमरा नंबर 26 में डॉक्टर विनोद को दिखाने पहुंचे। उनका आरोप है कि चिकित्सक ने मरीज को ठीक से देखे बिना ही प्लास्टर कराने के लिए भेज दिया। इस पर उन्होंने डॉक्टर से कहा कि पहले एक्स-रे कराकर जांच कर ली जाए। उसके बाद ही प्लास्टर किया जाए। पीड़ित का आरोप है कि इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए और उन्हें वहां से भगा देने की बात कहने लगे। जब उन्होंने कहा कि आप इमरजेंसी के डॉक्टर हैं तो मरीज को क्यों भगा रहे हैं। तभी डॉक्टर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी आ गए और उन्होंने भी मारपीट शुरू कर दी।
देवेंद्र सिंह का कहना है कि इस दौरान उनकी मां के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और उनका हाथ मरोड़ दिया गया।

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