भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसपी अमित रंजन ने डुमरा स्थित साइबर थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाने की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव और तकनीकी संसाधनों की कार्यक्षमता का गहन जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि साइबर अपराध के मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता और गति से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के क्रम में एसपी ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए केस डायरी के अद्यतन नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच अधिकारियों को साक्ष्यों के त्वरित संकलन और समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के विश्लेषण में आधुनिक तकनीकी उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। एसपी ने जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए ई-डोजियर की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पुराने अपराधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि वे दोबारा अपराध की योजना न बना सकें। निरीक्षण के समापन पर एसपी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना होगा। उन्होंने डिजिटल रिकॉर्ड्स के सुव्यवस्थित रख-रखाव, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। जन-जागरूकता अभियान पर जोर,संबंध भी बेहतर बनाएं डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए एसपी ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार आयोजित कर युवाओं को फिशिंग, हनीट्रैप और फर्जी कस्टमर केयर जैसे साइबर खतरों से सचेत किया जाए। सार्वजनिक स्थलों जैसे हाट-बाजार और रेलवे स्टेशनों पर पंपलेट्स एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर भी बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया, ताकि ठगी की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर पीड़ित की राशि को सुरक्षित किया जा सके। ^साइबर थाना जिला पुलिस की तकनीकी रीढ़ है। यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मी का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है, ताकि पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी न्याय मिल सके। – अमित रंजन, एसपी, सीतामढ़ी भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसपी अमित रंजन ने डुमरा स्थित साइबर थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाने की साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव और तकनीकी संसाधनों की कार्यक्षमता का गहन जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि साइबर अपराध के मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता और गति से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के क्रम में एसपी ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए केस डायरी के अद्यतन नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच अधिकारियों को साक्ष्यों के त्वरित संकलन और समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के विश्लेषण में आधुनिक तकनीकी उपकरणों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। एसपी ने जमानत पर बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए ई-डोजियर की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पुराने अपराधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि वे दोबारा अपराध की योजना न बना सकें। निरीक्षण के समापन पर एसपी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना होगा। उन्होंने डिजिटल रिकॉर्ड्स के सुव्यवस्थित रख-रखाव, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया। जन-जागरूकता अभियान पर जोर,संबंध भी बेहतर बनाएं डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए एसपी ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार आयोजित कर युवाओं को फिशिंग, हनीट्रैप और फर्जी कस्टमर केयर जैसे साइबर खतरों से सचेत किया जाए। सार्वजनिक स्थलों जैसे हाट-बाजार और रेलवे स्टेशनों पर पंपलेट्स एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर भी बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया, ताकि ठगी की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर पीड़ित की राशि को सुरक्षित किया जा सके। ^साइबर थाना जिला पुलिस की तकनीकी रीढ़ है। यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मी का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है, ताकि पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी न्याय मिल सके। – अमित रंजन, एसपी, सीतामढ़ी


