सोनीपत यूनिवर्सिटी अफीम मामले में इंस्पेक्टर तेजराम को मिली जमानत:15 लाख की रिश्वत के लगे थे आरोप; हाईकोर्ट में लगाई थी अर्जी

सोनीपत यूनिवर्सिटी अफीम मामले में इंस्पेक्टर तेजराम को मिली जमानत:15 लाख की रिश्वत के लगे थे आरोप; हाईकोर्ट में लगाई थी अर्जी

सोनीपत की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन परिसर में अफीम के पौधे मिलने से जुड़े बहुचर्चित मामले में रिश्वत के आरोपों का सामना कर रहे इंस्पेक्टर तेजराम को करीब 8 महीने बाद पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे और शिक्षा जगत में खासा चर्चा में रहा।
इंस्पेक्टर पर लगे थे 15 लाख की रिश्वत के आरोप
इस प्रकरण में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के एक करीबी ने सोनीपत क्राइम ब्रांच यूनिट-1 के इंस्पेक्टर तेजराम पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों की जांच के बाद सोनीपत पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर को रुपयों के लेनदेन के मामले में गिरफ्तार कर सस्पेंड कर दिया था।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने इंस्पेक्टर तेजराम को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। तब से वह लगातार जेल में बंद थे और अब करीब आठ महीने बाद हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली है। अफीम की खेती पकड़ने का क्या था पूरा मामला… 1. यूनिवर्सिटी परिसर में अफीम के पौधे होने की सूचना मिली 28 मार्च, 2025 को तड़के करीब 3:55 बजे असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र को एक मुखबिर से सूचना मिली कि WUD परिसर में फूलों की क्यारियों में अफीम के पौधे लगाए गए हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम ने ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर मुंशी राम और बागवानी विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी व्रज वेकरियां को मौके पर बुलाया। यूनिवर्सिटी के सहायक रजिस्ट्रार शैलेंद्र कुमार को भी साथ लिया गया। 2. रेड में 39.750 किलोग्राम अफीम के पौधे मिले पुलिस छापेमारी के दौरान मौके से करीब 400 अफीम के पौधे बरामद किए गए थे। कुल 39.750 किलोग्राम अफीम के पौधों को जड़ सहित उखाड़ा गया था।पुलिस के अनुसार पौधों के डोडों पर कट के निशान भी पाए गए थे, जिससे नशे के लिए इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी। मौके पर वीडियोग्राफी की गई। पुलिस ने मौके से ही माली संत लाल को गिरफ्तार कर लिया। माली से पूछताछ की तो उसने बताया था कि ये पौधे यूनिवर्सिटी के सुपरवाइजर धर्मेंद्र मिश्रा ने लगवाए थे। रिश्वत मांगने के आरोप पूरी कहानी पढ़िए… हाई कोर्ट से मिली राहत
तेजराम के वकील सचिन का कहना है कि जिस वकील देवेन्द्र मलिक से पैसे मांगने का आरोप लगाया गया था। उसी के 164 के बयान हुए थे और करीब आठ महीने तक जेल में रहने के बाद अब हाई कोर्ट से इंस्पेक्टर तेजराम को जमानत मिल गई है। हालांकि, मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

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