सहरसा में दारोगा भर्ती ठगी का भंडाफोड़:महिला सिपाही समेत 5 गिरफ्तार, सेलेक्शन दिलाने का झांसा देकर लाखों की वसूली, मास्टरमाइंड फरार

सहरसा में दारोगा भर्ती ठगी का भंडाफोड़:महिला सिपाही समेत 5 गिरफ्तार, सेलेक्शन दिलाने का झांसा देकर लाखों की वसूली, मास्टरमाइंड फरार

सहरसा पुलिस ने दारोगा भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक महिला सिपाही सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार शाम सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी हिमांशु ने बताया कि 20 और 21 जनवरी की मध्य रात्रि बनगांव थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, रहूआमणि नहर के पास शिवाजी मंदिर के समीप कुछ संदिग्ध लोग अभ्यर्थियों को वाहन में बैठाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर सशस्त्र बल के साथ तत्काल कार्रवाई की गई। पूछताछ और जांच शुरू की
रात्रि गश्ती के दौरान जिला सूचना इकाई ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ और जांच शुरू की, जिसमें यह सामने आया कि यह गिरोह दारोगा भर्ती परीक्षा में चयन दिलाने, परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली कर रहा था। प्रारंभिक जांच में करीब 20-20 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कोमल को गिरफ्तार किया
इस मामले में बनगांव थाना क्षेत्र की कोमल कुमारी के पति रामानंद ठाकुर को मुख्य सरगना बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने कोमल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है, जो मुंगेर में बिहार पुलिस की सिपाही के पद पर तैनात है। एसपी ने बताया कि कोमल कुमारी से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई के तहत बनगांव थाना पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र की निवासी कोमल कुमारी (मुंगेर में बिहार पुलिस की सिपाही), सौर बाजार थाना निवासी रविंद्र यादव, तथा मधेपुरा जिले के तीन आरोपी पप्पू कुमार, दिलखुश कुमार और एक अन्य पप्पू कुमार शामिल हैं। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। सहरसा पुलिस ने दारोगा भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक महिला सिपाही सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार शाम सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने एक प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी हिमांशु ने बताया कि 20 और 21 जनवरी की मध्य रात्रि बनगांव थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, रहूआमणि नहर के पास शिवाजी मंदिर के समीप कुछ संदिग्ध लोग अभ्यर्थियों को वाहन में बैठाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर सशस्त्र बल के साथ तत्काल कार्रवाई की गई। पूछताछ और जांच शुरू की
रात्रि गश्ती के दौरान जिला सूचना इकाई ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ और जांच शुरू की, जिसमें यह सामने आया कि यह गिरोह दारोगा भर्ती परीक्षा में चयन दिलाने, परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली कर रहा था। प्रारंभिक जांच में करीब 20-20 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कोमल को गिरफ्तार किया
इस मामले में बनगांव थाना क्षेत्र की कोमल कुमारी के पति रामानंद ठाकुर को मुख्य सरगना बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने कोमल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है, जो मुंगेर में बिहार पुलिस की सिपाही के पद पर तैनात है। एसपी ने बताया कि कोमल कुमारी से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई के तहत बनगांव थाना पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र की निवासी कोमल कुमारी (मुंगेर में बिहार पुलिस की सिपाही), सौर बाजार थाना निवासी रविंद्र यादव, तथा मधेपुरा जिले के तीन आरोपी पप्पू कुमार, दिलखुश कुमार और एक अन्य पप्पू कुमार शामिल हैं। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।  

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