औरंगाबाद जिले में दरोगा भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। 16 केंद्रों पर में 9936 अभ्यर्थी एग्जाम देने पहुंचे हैं। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा को पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। एग्जाम हॉल में एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। फोटो पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और चेहरे का मिलान करने का बाद ही एंट्री दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर जूते उतरवाकर जांच की गई। मोबाइल, पर्स, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स समेत अन्य प्रतिबंधित सामान अंदर लाने की मनाही है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियंत्रण कक्ष से निगरानी परीक्षा की निगरानी के लिए तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जिला प्रशासन ने 16 केंद्र प्रेक्षक सह-स्टैटिक दंडाधिकारी, 4 जोनल दंडाधिकारी और 4 उड़नदस्ता दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की है। हर सेंटर पर एक केंद्र ऑब्जर्वर के साथ दो-दो स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा विशेष गश्ती दल भी सक्रिय है, जो लगातार भ्रमण कर परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों को उड़नदस्ता दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो सभी केंद्रों के बीच निरंतर निरीक्षण कर रहे हैं। परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई जा रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसके वरिष्ठ प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को बनाया गया है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई नियंत्रण कक्ष में एक सुरक्षित दंडाधिकारी की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर रोक सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में शामिल होने और नियमों का पालन करने की अपील की है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी औरंगाबाद जिले में दरोगा भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। 16 केंद्रों पर में 9936 अभ्यर्थी एग्जाम देने पहुंचे हैं। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा को पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। एग्जाम हॉल में एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। फोटो पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और चेहरे का मिलान करने का बाद ही एंट्री दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर जूते उतरवाकर जांच की गई। मोबाइल, पर्स, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स समेत अन्य प्रतिबंधित सामान अंदर लाने की मनाही है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियंत्रण कक्ष से निगरानी परीक्षा की निगरानी के लिए तीन लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जिला प्रशासन ने 16 केंद्र प्रेक्षक सह-स्टैटिक दंडाधिकारी, 4 जोनल दंडाधिकारी और 4 उड़नदस्ता दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की है। हर सेंटर पर एक केंद्र ऑब्जर्वर के साथ दो-दो स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा विशेष गश्ती दल भी सक्रिय है, जो लगातार भ्रमण कर परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों को उड़नदस्ता दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो सभी केंद्रों के बीच निरंतर निरीक्षण कर रहे हैं। परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई जा रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसके वरिष्ठ प्रभारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को बनाया गया है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई नियंत्रण कक्ष में एक सुरक्षित दंडाधिकारी की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर रोक सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में शामिल होने और नियमों का पालन करने की अपील की है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी


