कायमगंज में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर SP ने एक महिला उप-निरीक्षक और आरक्षी चालक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक नाबालिग लड़की के अपहरण मामले की जांच के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो सामने आने के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनकी 14 वर्षीय भतीजी का गांव के कुछ दबंगों ने अपहरण कर लिया था। इस संबंध में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। परिवार का आरोप है कि मामले की जांच कर रही उप-निरीक्षक सुधा पाल ने निष्पक्ष विवेचना के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग की। मजबूरी में पीड़ित ने उन्हें 7 हजार रुपये दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। रिश्वत देने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत देने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूमते रहे और परिवार को जान से मारने की धमकियां देते रहे। आरोपियों ने यह तक दावा किया कि उन्होंने जांच अधिकारी को अपने पक्ष में कर लिया है, जिससे पीड़ित परिवार का पुलिस पर भरोसा टूट गया। वीडियो और शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो और भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उप-निरीक्षक सुधा पाल और उनके आरक्षी चालक को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की विभागीय जांच क्षेत्राधिकारी मोहम्दाबाद को सौंपी गई है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


