माघ मेला क्षेत्र में तैनात एक इंस्पेक्टर ने रविवार को जमकर दबंगई दिखाई। बाइक सवार युवक को उसकी पत्नी और बच्चों के सामने गालियां दीं और मारने की धमकी भी दी। युवक का आरोप है कि यह सब तब हुआ, जब इंस्पेक्टर ने अपनी कार से उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में वह पत्नी और बच्चों समेत घायल हो गया। विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित ने घटना का वीडियो भी बनाया है और उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कही है। रविवार सुबह हुई घटना घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सोरांव के कस्तूरीपुर गांव निवासी विनोद कुमार मिश्र अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ बाइक से संगम स्नान के लिए जा रहे थे। उनका कहना है कि वे शंकर विमान मंडपम मंदिर के पीछे वाले रास्ते पर थे, तभी पीछे से आई सफेद रंग की कार ने उनकी बाइक में साइड से टक्कर मार दी। इससे वह पत्नी और बच्चों समेत सड़क पर गिर पड़े और सभी को चोटें आईं। मासूम बेटा लहूलुहान होकर रोने लगा। हादसे के विरोध पर भड़के विनोद का आरोप है कि जब उन्होंने हादसे का विरोध किया तो कार से उतरे इंस्पेक्टर ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दीं। उन्होंने युवक पर नशे में गाड़ी चलाने का आरोप लगाया और उल्टा बाइक से कार में टक्कर मारने की बात कहने लगे। यही नहीं, आरोप है कि इंस्पेक्टर ने थप्पड़ भी मारे। जब वह घटना का वीडियो अपने मोबाइल से बनाने लगे तो उसे धमकाया। थाने बुलाकर चले गए पुलिसवाले इस दौरान विवाद होता देख मौके पर मेले में ही तैनात एक अन्य इंस्पेक्टर भी पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और थाने आने की बात कहकर वहां से चले गए। पीड़ित का कहना है कि उसने घटना का वीडियो उच्च अधिकारियों को भेजा है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी शिकायत की है। उसकी मांग है कि आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। महावीर जी थाने के प्रभारी आरोपी इंस्पेक्टर बृजेश कुमार तिवारी वर्तमान में माघ मेले के महावीरजी थाना प्रभारी के रूप में तैनात हैं। जब इस मामले में उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि ‘बाइक सवार युवक ने ही पीछे से मेरी कार में टक्कर मारी। उनकी कार से टक्कर लगने, गाली-गलौज या मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत हैं। मौके पर कोई विवाद नहीं हुआ और बाइक सवार युवक बेवजह मामले को तूल दे रहा है। वह इसलिए ऐसा कर रहा है ताकि उससे किसी तरह का क्लेम न लिया जाए और वह उसके खिलाफ कोई मुकदमा न लिखा दें। पहले भी विवादों में आ चुका है नाम गौरतलब है कि इंस्पेक्टर बृजेश कुमार तिवारी का नाम इससे पहले भी विवादों से जुड़ चुका है। महाकुंभ के दौरान उन पर भंडारे के प्रसाद में राख फेंकने का आरोप लगा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तब वह प्रयागराज के सोरांव थाने के प्रभारी के पद पर तैनात थे। इस घटना के बाद पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी और मामले का संज्ञान लेते हुए अफसरों ने उन्हें निलंबित कर दिया था।


