Oil Infrastructure : मध्य पूर्व में हालात (Middle East War) अब पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ‘खार्ग द्वीप’ पर सीधा प्रहार (Kharg Island Strike) किया है। इस द्वीप पर ईरान का सबसे बड़ा तेल अवसंरचना (Oil Infrastructure) मौजूद है, जहां से वह दुनिया भर में अपना कच्चा तेल निर्यात करता है। दूसरी तरफ, इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अपने हमले कई गुना तेज कर दिए हैं।
इन हमलों के असल मायने क्या हैं? (Kharg Island Strike)
इनसाइड स्टोरी यह है कि अमेरिका और इजराइल एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। अमेरिका का खार्ग द्वीप पर हमला करने का सीधा मकसद ईरान की आर्थिक ताकत को पंगु बनाना है, ताकि वह हिजबुल्लाह ( Israel Hezbollah War), हूतियों और हमास जैसे प्रॉक्सी गुटों को फंड न दे सके। वहीं, लेबनान में इजराइल की आक्रामक कार्रवाई (Lebanon Bombardment) का उद्देश्य अपनी उत्तरी सीमा को पूरी तरह से सुरक्षित करना और हिजबुल्लाह के रॉकेट नेटवर्क को हमेशा के लिए खत्म करना है। यह लड़ाई अब सिर्फ सीमाओं की नहीं, बल्कि ऊर्जा और अस्तित्व की जंग बन चुकी है।
खार्ग द्वीप पर हुए विनाशकारी हमले के बाद ईरान बेहद गुस्से में है
खार्ग द्वीप पर हुए इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान बेहद गुस्से में है। ईरानी प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे, तो वे खाड़ी क्षेत्र के “सभी तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचों को राख में बदल देंगे।” इस धमकी ने वैश्विक शेयर बाजारों और तेल उत्पादक देशों में दहशत फैला दी है।
भीषण तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियां और बढ़ा दीं (US Iran Conflict)
इस भीषण तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियां और बढ़ा दी हैं। यूएसएस त्रिपोली (USS Tripoli) युद्धपोत और हजारों मरीन कमांडोज को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। वहीं, इन हमलों का सीधा असर दुनिया भर के देशों पर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत के कई प्रमुख शहरों (जैसे बेंगलुरु और मुंबई) में एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत शुरू हो गई है।
विनाशकारी साइबर हमलों का हाई अलर्ट जारी किया गया (Cyber Warfare)
इस युद्ध का एक खतरनाक ‘साइड एंगल’ साइबर वॉरफेयर (Cyber Warfare) है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई खाड़ी देशों में ‘वाइपर मालवेयर’ जैसे विनाशकारी साइबर हमलों का हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि यह जंग अब सिर्फ जमीन और आसमान पर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में भी लड़ी जा रही है, जिससे बैंकिंग और संचार प्रणालियों के ठप होने का बड़ा खतरा है।


