अररिया जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक महत्वपूर्ण लाइव सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में अहमद रजा खान, जोकीहाट ब्लॉक के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) के प्रभारी ने विभिन्न योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता के साथ साझा की। यह डिजिटल सत्र हजारों लोगों तक पहुंचा, जहां उन्होंने आंगनबाड़ी सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला और लाभार्थियों को जागरूक करने का प्रयास किया। 6 प्रमुख सेवाएं की जाती है प्रदान अहमद रजा खान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल छह प्रमुख सेवाएं प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के समग्र विकास के लिए समर्पित हैं। पहली सेवा पूरक पोषाहार है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को ‘टेक होम राशन (THR)’ के माध्यम से पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, 3 से 6 वर्ष के बच्चों को केंद्र पर नाश्ता और गर्म भोजन भी प्रदान किया जाता है, ताकि कुपोषण से मुक्ति मिल सके और स्वास्थ्य में सुधार हो। 6 साल तक के बच्चों को दी जाती है अनौपचारिक शिक्षा दूसरी प्रमुख सेवा अनौपचारिक शिक्षा है, जो 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दी जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित करना है। प्री-स्कूल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलता है, जो उनकी स्कूल तैयारियों को मजबूत बनाता है। इनके अलावा, अन्य सेवाओं में टीकाकरण शामिल है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों और महिलाओं को आवश्यक टीके लगाए जाते हैं। स्वास्थ्य जांच के तहत नियमित चेकअप और वजन-मापन किया जाता है। पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से माताओं को पोषण, स्वच्छता और देखभाल की जानकारी दी जाती है। गंभीर मामलों में उच्च चिकित्सा संस्थानों से जुड़ाव के लिए संदर्भ सेवाएं भी उपलब्ध हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर कराएं पंजीकरण अहमद रजा खान ने जोर देकर कहा कि ये सेवाएं मुख्य रूप से मुफ्त उपलब्ध हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से संचालित करने पर प्रशासन का विशेष ध्यान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर पंजीकरण कराएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं। लाइव के दौरान दर्शकों के सवालों का भी जवाब दिया गया, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बना। यह पहल जिला प्रशासन की डिजिटल पहुंच बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में सहायक सिद्ध हो रही है। अररिया जैसे सीमावर्ती जिले में ऐसी पहलें बच्चों के बेहतर भविष्य और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। अररिया जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक महत्वपूर्ण लाइव सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में अहमद रजा खान, जोकीहाट ब्लॉक के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) के प्रभारी ने विभिन्न योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता के साथ साझा की। यह डिजिटल सत्र हजारों लोगों तक पहुंचा, जहां उन्होंने आंगनबाड़ी सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला और लाभार्थियों को जागरूक करने का प्रयास किया। 6 प्रमुख सेवाएं की जाती है प्रदान अहमद रजा खान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल छह प्रमुख सेवाएं प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएं बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के समग्र विकास के लिए समर्पित हैं। पहली सेवा पूरक पोषाहार है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को ‘टेक होम राशन (THR)’ के माध्यम से पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, 3 से 6 वर्ष के बच्चों को केंद्र पर नाश्ता और गर्म भोजन भी प्रदान किया जाता है, ताकि कुपोषण से मुक्ति मिल सके और स्वास्थ्य में सुधार हो। 6 साल तक के बच्चों को दी जाती है अनौपचारिक शिक्षा दूसरी प्रमुख सेवा अनौपचारिक शिक्षा है, जो 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दी जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों का शारीरिक, मानसिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास सुनिश्चित करना है। प्री-स्कूल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलता है, जो उनकी स्कूल तैयारियों को मजबूत बनाता है। इनके अलावा, अन्य सेवाओं में टीकाकरण शामिल है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों और महिलाओं को आवश्यक टीके लगाए जाते हैं। स्वास्थ्य जांच के तहत नियमित चेकअप और वजन-मापन किया जाता है। पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से माताओं को पोषण, स्वच्छता और देखभाल की जानकारी दी जाती है। गंभीर मामलों में उच्च चिकित्सा संस्थानों से जुड़ाव के लिए संदर्भ सेवाएं भी उपलब्ध हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर कराएं पंजीकरण अहमद रजा खान ने जोर देकर कहा कि ये सेवाएं मुख्य रूप से मुफ्त उपलब्ध हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से संचालित करने पर प्रशासन का विशेष ध्यान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर पंजीकरण कराएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं। लाइव के दौरान दर्शकों के सवालों का भी जवाब दिया गया, जिससे कार्यक्रम और अधिक प्रभावी बना। यह पहल जिला प्रशासन की डिजिटल पहुंच बढ़ाने की दिशा में सराहनीय कदम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में सहायक सिद्ध हो रही है। अररिया जैसे सीमावर्ती जिले में ऐसी पहलें बच्चों के बेहतर भविष्य और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं।


