मुंबई के बांद्रा स्थित फैमिली कोर्ट ने उद्योगपति जयदेव श्रॉफ (Jaidev Shroff) और उनकी पत्नी पूनम श्रॉफ (Poonam Bhagat Shroff) के बीच पिछले 11 वर्षों से चल रहे तलाक विवाद पर आखिरकार फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने जयदेव श्रॉफ की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें तलाक की मंजूरी दे दी है और पत्नी को एकमुश्त 10 करोड़ रुपये की स्थायी एलिमनी देने का आदेश दिया है। यह राशि पूर्ण और अंतिम समझौते के तौर पर तीन महीने के भीतर अदा करनी होगी।
कोर्ट ने पूनम श्रॉफ की 1,000 करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया। इसके साथ ही बांद्रा स्थित वैवाहिक घर में आजीवन रहने के अधिकार और विदेशों में मौजूद संपत्तियों के उपयोग से जुड़ी उनकी मांगों को भी नामंजूर कर दिया गया।
फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोनों की शादी क्रूरता के आधार पर समाप्त मानी जाएगी। इस मामले में पूनम श्रॉफ की ओर से अतिरिक्त या बढ़ी हुई एलिमनी (गुजारा भत्ता) की मांग भी अदालत ने अस्वीकार कर दी।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी पूनम श्रॉफ की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें तलाक की कार्यवाही के साथ भरण-पोषण की याचिका को एक साथ जोड़ने से इनकार किया गया था।
यह विवाद वर्ष 2015 में मुंबई की फैमिली कोर्ट में दायर तलाक याचिका के साथ शुरू हुआ था और कई बार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने फैमिली कोर्ट को इस मामले की सुनवाई तेज करने का निर्देश दिया था और तीन महीने का समय दिया था। इसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला सुनाया।
करीब एक दशक से ज्यादा समय तक चले इस हाई-प्रोफाइल मामले में आए फैसले के बाद अब जयदेव श्रॉफ और पूनम श्रॉफ का वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो गया है।


