दुनिया की 9 परमाणु संपन्न शक्तियों में भारत छठे स्थान पर है। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की ‘स्टेटस ऑफ वर्ल्ड न्यूक्लियर फोर्सेज़’ रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में कुल 12,321 परमाणु वॉरहेड हैं, जिनमें भारत के पास 180 हैं। रूस और अमेरिका के पास कुल मिलाकर वैश्विक परमाणु हथियारों के कुल स्टॉक का लगभग 86% हिस्सा है। रूस पहले स्थान पर है और अमेरिका दूसरे स्थान पर। वहीं चीन तीसरे, फ़्रांस चौथे और ब्रिटेन पांचवें स्थान पर है। भारत के बाद पाकिस्तान सातवें, इज़रायल आठवें और नार्थ कोरिया नौवें स्थान पर है।
भारत ने बढ़ाया अपना जखीरा
पिछले तीन दशकों में रूस और अमेरिका ने अपने परमाणु जखीरे में कमी की, जबकि भारत, चीन और पाकिस्तान ने इसमें विस्तार किया। भारत की परमाणु क्षमता बड़ी शक्तियों की तुलना में सीमित लेकिन स्थिर बताई गई है। बीते पांच वर्षों में भारत के जखीरे में करीब 20% की वृद्धि दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स ने वैश्विक स्तर पर पारदर्शिता और नियंत्रण के नए प्रयासों की जरूरत जताई है।
शीत युद्ध के बाद कमी, एशिया में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार 1986 में शीत युद्ध के चरम पर दुनिया में 70,300 परमाणु हथियार थे, जो अब घटकर 12,321 रह गए हैं। हालांकि हाल के वर्षों में कटौती की रफ्तार धीमी हुई है और एशिया में परमाणु भंडार बढ़ा है।


