भारत के पड़ोसी देश ने बनाया बांस से ड्रोन, कार्बन फाइबर से 20% हल्का और सस्ता

भारत के पड़ोसी देश ने बनाया बांस से ड्रोन, कार्बन फाइबर से 20% हल्का और सस्ता

सामान्य तौर पर ड्रोन उद्योग में कार्बन फाइबर का उपयोग होता है, जो महंगा है और इसे नष्ट करना मुश्किल होता है। अब चीन की ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर बैम्बू एंड रैटन’ और ‘बीहांग यूनिवर्सिटी’ ने मिलकर एक ऐसा मानवरहित विमान (यूएवी) तैयार किया है, जिसका ढांचा बांस पर आधारित कंपोज़िट मैटेरियल से बना है और इसे ड्रोन की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।

सफल हुआ परीक्षण

उत्तरी चीन में बांस से बने इस ड्रोन की सफल ‘मेडन फ्लाइट’ पूरी हो चुकी है। यह पारंपरिक ड्रोन की तुलना में 20% हल्का है। बांस आधारित सामग्री की कीमत कार्बन फाइबर क्लॉथ की तुलना में सिर्फ एक चौथाई है। बांस से बने इस ड्रोन के बारे में दावा किया गया है कि इससे ड्रोन की कुल निर्माण लागत में 20% से ज़्यादा की कमी आएगी।

पूरी तरह बांस से बना बाहरी ढांचा

यह दुनिया का पहला फिक्स्ड-विंग यूएवी ड्रोन है जिसका बाहरी ढांचा पूरी तरह से बांस कंपोज़िट से बना है। इस ड्रोन का 25% से ज़्यादा हिस्सा बांस से निर्मित है। यह वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग करने में सक्षम है, यानी इसे रनवे की ज़रूरत नहीं है। इसका वजन सिर्फ 7 किलोग्राम है और यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार एक घंटे तक उड़ान भर सकता है।

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