जंग के बीच भारत का बड़ा कदम: अपने नागरिकों के लिए जारी की सख्त गाइडलाइन, बॉर्डर पार करने पर लगी पाबंदी

जंग के बीच भारत का बड़ा कदम: अपने नागरिकों के लिए जारी की सख्त गाइडलाइन, बॉर्डर पार करने पर लगी पाबंदी

Indian Advisory for Nationals in Iran: ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाया है। तेहरान में भारतीय दूतावास ने सोमवार को एक ताजा एडवाइजरी जारी की, जिसमें भारतीय नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि वे बिना दूतावास से पूर्व समन्वय के ईरान की किसी भी लैंड बॉर्डर की ओर न जाएं। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति ईरान छोड़कर तीसरे देश में प्रवेश नहीं कर पाता, तो दूतावास उसकी मदद नहीं कर पाएगा।

ईरान में भारतीयों के लिए नई गाइडलाइन

एडवाइजरी में कहा गया, ‘भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईरान से बाहर यात्रा के लिए किसी भी लैंड बॉर्डर की ओर बिना दूतावास के पूर्व समन्वय के न जाएं। लैंड बॉर्डर पॉइंट्स की ओर कोई भी मूवमेंट केवल दूतावास से स्पष्ट मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद ही किया जाए।’ दूतावास ने जोर दिया, ‘एक बार जब व्यक्ति ईरानी क्षेत्र से बाहर निकल जाते हैं और संबंधित तीसरे देश में प्रवेश नहीं कर पाते, तो दूतावास सहायता प्रदान करने की स्थिति में नहीं होगा।’
यह सख्त निर्देश ऐसे समय आए हैं जब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

बीते 10 दिन से जारी है संघर्ष

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुए संघर्ष में ईरान ने जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई। कई देशों ने ईरान की कार्रवाइयों की निंदा की है, जबकि ईरान ने इन्हें रक्षात्मक बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि पड़ोसी देशों की जमीन से ईरान पर मिसाइलें दागी जा रही हैं और अमेरिकी फाइटर जेट्स उनके एयरस्पेस का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।

सऊदी अरब ने ईरान दी चेतावनी

सऊदी अरब ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की, खासकर GCC देशों और तेल सुविधाओं पर हमलों को एस्केलेशन करार दिया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और पड़ोसी देशों पर आधारहीन आरोप लगा रहा है। सऊदी ने चेतावनी दी कि यह द्विपक्षीय संबंधों पर गहरा असर डालेगा और ईरान खुद सबसे बड़ा नुकसान उठाएगा।

पहले भी जारी हो चुकी है एडवाइजरी

भारतीय दूतावास ने नागरिकों से इमरजेंसी हेल्पलाइन या ईमेल के माध्यम से संपर्क करने की अपील की है। इससे पहले भी दूतावास ने कई बार एडवाइजरी जारी की थीं, जिसमें नागरिकों को ईरान छोड़ने, इनडोर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई थी। हजारों भारतीय छात्र, तीर्थयात्री और व्यवसायी अभी भी ईरान में फंसे हुए हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या शामिल है। MEA ने MADAD पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और 24×7 हेल्पलाइन की व्यवस्था की है।

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