भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 15 फरवरी 2026 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 मैच में डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत 21 रनों से जीत दर्ज की। सिडनी में खेले गए मैच में बारिश के कारण जब खेल रोका गया, उस समय भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए 5.1 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 50 रन बना चुका था। उस समय DLS के अनुसार भारत को जीत के लिए 29 रन तक पहुंचना जरूरी था। भारतीय टीम इस पार स्कोर से 21 रन आगे थी। इसलिए नियमानुसार भारत को 21 रन से विजेता घोषित किया गया। अरुंधति रेड्डी ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि रेणुका सिंह ने भी शानदार गेंदबाजी की। दोनों की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 133 रन पर समेट दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने तेज बल्लेबाजी की और बारिश आने से पहले ही टीम को जीत की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम अब ऑस्ट्रेलिया में अपनी दूसरी बाइलेटरल टी-20 सीरीज जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। रेणुका सिंह का पावरप्ले में दबदबा, ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में रोका
मैच की शुरुआत में रेणुका सिंह ने अपनी स्विंग से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पावरप्ले में लगातार तीन ओवर फेंके। हालांकि उनके पहले ओवर की आखिरी दो गेंदों पर चौके लगे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की। रेणुका ने अपने अगले दो ओवरों में सिर्फ 2 रन दिए और बेथ मूनी का विकेट झटका। पांचवां ओवर मेडन रहा, जिसमें फीबी लिचफील्ड एक भी रन नहीं बना सकीं। हालांकि, रेणुका के स्पैल के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगले 2 ओवरों में 35 रन बनाकर वापसी की कोशिश की। अरुंधति रेड्डी का करियर बेस्ट प्रदर्शन, 22 रन देकर झटके 4 विकेट
एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 7 ओवर में 2 विकेट पर 68 रन था और वे मजबूत स्थिति में दिख रहे थे। तभी अरुंधति रेड्डी और दीप्ति शर्मा ने मैच का रुख पलट दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मिड-ऑफ पर पीछे दौड़ते हुए एलिस पेरी का शानदार कैच पकड़ा। इसके बाद अरुंधति ने लिचफील्ड को आउट किया। ऑस्ट्रेलिया ने अपने 5 विकेट 10 ओवर से पहले ही गंवा दिए थे। अरुंधति ने अंत में जॉर्जिया वारेहम और डार्सी ब्राउन को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की पारी 133 रनों पर समेट दी। 18 ओवर में सिमटी ऑस्ट्रेलियाई टीम, छठी बार ऑलआउट हुई
ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 18 ओवर में ही पवेलियन लौट गई। टी-20 इंटरनेशनल के इतिहास में यह केवल छठी बार है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में ऑलआउट हुई है। वहीं, ओवरों के लिहाज से यह उनका तीसरा सबसे छोटा टी-20 इंटरनेशनल इनिंग रहा। ऑस्ट्रेलिया के ऊपरी क्रम के 7 में से 5 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा छुआ, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल सका। जॉर्जिया वारेहम 30 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहीं। ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी 8 विकेट केवल 65 रनों के भीतर गंवा दिए। उप कप्तान ताहलिया मैकग्रा टीम से रही बाहर
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैच में नई कप्तान सोफी मोलिनक्स के नेतृत्व में उतरी थी। टीम मैनेजमेंट ने उप-कप्तान ताहलिया मैकग्रा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखकर सबको चौंका दिया। बैटिंग ऑर्डर में भी काफी बदलाव दिखे। जॉर्जिया वारेहम को नंबर 6 और निकोला केरी को नंबर 7 पर भेजा गया। बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड जीतने वाली एनाबेल सदरलैंड नंबर 8 पर उतरीं, लेकिन वे भी केवल 3 रन ही बना सकीं। ऋचा घोष ने उन्हें शानदार तरीके से स्टंप आउट किया। बारिश के बीच शेफाली और स्मृति की तेज शुरुआत
134 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। उन्होंने किम गर्थ की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़ा। हालांकि, कप्तान मोलिनक्स ने अपने पहले ही ओवर में शेफाली को आउट कर दिया, लेकिन तब तक भारत ने तेज गति से रन बना लिए थे। इसके बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने मोर्चा संभाला। जब बारिश शुरू हुई, तब तक भारत 5 ओवर में 50 रन के पार जा चुका था। डकवर्थ लुईस नियम के हिसाब से मैच का नतीजा निकलने के लिए 5 ओवर का खेल होना जरूरी था, जो समय रहते पूरा हो गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 15 फरवरी 2026 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 मैच में डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत 21 रनों से जीत दर्ज की। सिडनी में खेले गए मैच में बारिश के कारण जब खेल रोका गया, उस समय भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए 5.1 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 50 रन बना चुका था। उस समय DLS के अनुसार भारत को जीत के लिए 29 रन तक पहुंचना जरूरी था। भारतीय टीम इस पार स्कोर से 21 रन आगे थी। इसलिए नियमानुसार भारत को 21 रन से विजेता घोषित किया गया। अरुंधति रेड्डी ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 22 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि रेणुका सिंह ने भी शानदार गेंदबाजी की। दोनों की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 133 रन पर समेट दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने तेज बल्लेबाजी की और बारिश आने से पहले ही टीम को जीत की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम अब ऑस्ट्रेलिया में अपनी दूसरी बाइलेटरल टी-20 सीरीज जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। रेणुका सिंह का पावरप्ले में दबदबा, ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में रोका
मैच की शुरुआत में रेणुका सिंह ने अपनी स्विंग से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पावरप्ले में लगातार तीन ओवर फेंके। हालांकि उनके पहले ओवर की आखिरी दो गेंदों पर चौके लगे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की। रेणुका ने अपने अगले दो ओवरों में सिर्फ 2 रन दिए और बेथ मूनी का विकेट झटका। पांचवां ओवर मेडन रहा, जिसमें फीबी लिचफील्ड एक भी रन नहीं बना सकीं। हालांकि, रेणुका के स्पैल के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगले 2 ओवरों में 35 रन बनाकर वापसी की कोशिश की। अरुंधति रेड्डी का करियर बेस्ट प्रदर्शन, 22 रन देकर झटके 4 विकेट
एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 7 ओवर में 2 विकेट पर 68 रन था और वे मजबूत स्थिति में दिख रहे थे। तभी अरुंधति रेड्डी और दीप्ति शर्मा ने मैच का रुख पलट दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मिड-ऑफ पर पीछे दौड़ते हुए एलिस पेरी का शानदार कैच पकड़ा। इसके बाद अरुंधति ने लिचफील्ड को आउट किया। ऑस्ट्रेलिया ने अपने 5 विकेट 10 ओवर से पहले ही गंवा दिए थे। अरुंधति ने अंत में जॉर्जिया वारेहम और डार्सी ब्राउन को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की पारी 133 रनों पर समेट दी। 18 ओवर में सिमटी ऑस्ट्रेलियाई टीम, छठी बार ऑलआउट हुई
ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 18 ओवर में ही पवेलियन लौट गई। टी-20 इंटरनेशनल के इतिहास में यह केवल छठी बार है जब ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में ऑलआउट हुई है। वहीं, ओवरों के लिहाज से यह उनका तीसरा सबसे छोटा टी-20 इंटरनेशनल इनिंग रहा। ऑस्ट्रेलिया के ऊपरी क्रम के 7 में से 5 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा छुआ, लेकिन कोई भी बड़ी पारी नहीं खेल सका। जॉर्जिया वारेहम 30 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहीं। ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी 8 विकेट केवल 65 रनों के भीतर गंवा दिए। उप कप्तान ताहलिया मैकग्रा टीम से रही बाहर
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैच में नई कप्तान सोफी मोलिनक्स के नेतृत्व में उतरी थी। टीम मैनेजमेंट ने उप-कप्तान ताहलिया मैकग्रा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखकर सबको चौंका दिया। बैटिंग ऑर्डर में भी काफी बदलाव दिखे। जॉर्जिया वारेहम को नंबर 6 और निकोला केरी को नंबर 7 पर भेजा गया। बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड जीतने वाली एनाबेल सदरलैंड नंबर 8 पर उतरीं, लेकिन वे भी केवल 3 रन ही बना सकीं। ऋचा घोष ने उन्हें शानदार तरीके से स्टंप आउट किया। बारिश के बीच शेफाली और स्मृति की तेज शुरुआत
134 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। उन्होंने किम गर्थ की दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़ा। हालांकि, कप्तान मोलिनक्स ने अपने पहले ही ओवर में शेफाली को आउट कर दिया, लेकिन तब तक भारत ने तेज गति से रन बना लिए थे। इसके बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने मोर्चा संभाला। जब बारिश शुरू हुई, तब तक भारत 5 ओवर में 50 रन के पार जा चुका था। डकवर्थ लुईस नियम के हिसाब से मैच का नतीजा निकलने के लिए 5 ओवर का खेल होना जरूरी था, जो समय रहते पूरा हो गया।
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर


