भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने रचा BAFTA Awards 2026 में इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई, कंगना ने भी लिखा खूबसूरत नोट

भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने रचा BAFTA Awards 2026 में इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई, कंगना ने भी लिखा खूबसूरत नोट

PM Modi Congratulates Boong Makers For BAFTA Awards Win: भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक यादगार दिन आया है, जब मणिपुरी भाषा में बनी फिल्म ‘बूंग’ को 79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA Awards 2026) में सर्वश्रेष्ठ बाल एवं पारिवारिक फिल्म का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म की टीम को विशेष रूप से बधाई दी और इसे न सिर्फ मणिपुर बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल बताया।

पीएम मोदी ने दी बधाई (PM Modi Congratulates Boong Makers For BAFTA Awards Win)

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर मैसेज शेयर करते हुए लिखा कि ये उपलब्धि बेहद खुशी देने वाला पल है, खासकर मणिपुर के लिए; साथ ही उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार देश की रचनात्मक प्रतिभा का शानदार उदाहरण है।

फरहान अख्तर ने जताया आभार

पीएम मोदी के इस ट्वीट के बाद अभिनेता फरहान अख्तर ने उनका आभार जताया है। उन्होंने लिखा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सराहना भरे शब्दों के लिए शुक्रिया। इसके अलावा अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी फिल्म को लेकर लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा किया। सोमवार को कंगना ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्ममेकर और उनकी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा,
‘बूंग के इस पुरस्कार के लिए पूरी टीम को बधाई, आपने बहुत खूब बात कही और शानदार दिखे।’

PM Modi Congratulates Boong Makers For BAFTA Awards Win

‘बूंग’ की बाफ्टा जीत

बाफ्टा अवॉर्ड्स को दुनिया के सबसे सम्मानित फिल्म समारोहों में गिना जाता है, जहां हर साल बेहतरीन फिल्मों को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिलता है। इस वर्ष बाफ्ता के ‘बाल एवं पारिवारिक फिल्म’ श्रेणी में बूंग को पुरस्कार दिया गया, जो भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती पहचान का प्रतीक बन गया है।

लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित इस समारोह में बूंग ने अपने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों- जैसे ‘जूटरोपोलिस 2’ और ‘लीलो एंड स्टिच’ को पीछे छोड़ते हुए ये सम्मान हासिल किया, जो अपने आप में भारतीय फिल्मों की वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

कहानी और फिल्म की खासियत

बूंग मणिपुरी भाषा में बनी एक भावनात्मक साहसी कहानी है, जो एक छोटे बच्चे की अपनी खोई हुई पारिवारिक एकता खोजने के सफर को दर्शाती है। फिल्म में बच्चा बूंग अपने पिता की तलाश में कई मुश्किलों का सामना करता है ताकि वो अपनी मां को सबसे बड़ा तोहफा दे सके- एक प्रेमपूर्ण और संवेदनशील कथानक जो दर्शकों के दिलों को छूता है।

फिल्म में मुख्य भूमिका गुगुन किपजन जैसा युवा कलाकार निभाता है और कहानी में उसकी दोस्ती, हिम्मत और मासूमियत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।

निर्माण और निर्देशक की भूमिका

इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जिन्होंने अपनी मातृभूमि मणिपुर की सांस्कृतिक गहराई और स्थानीय जीवन की झलक को एक सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। बूंग को फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी ने मिलकर प्रोड्यूस किया और ये एक्सल एंटरटेनमेंट के बैनर तले तैयार हुई।

फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करती, बल्कि अपने जरिए डायलॉग, सांस्कृतिक पहचान और मानवीय संवेदनाओं को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से पिरोती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के क्षेत्रीय सिनेमा का सहयोग

बूंग ने अपने बाफ्टा पुरस्कार से यह साबित कर दिया है कि भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में बनी फिल्में भी वैश्विक दर्शकों को संबोधित कर सकती हैं और दुनिया भर के प्रतिष्ठित समारोहों में वाहवाही पा सकती हैं। इससे पहले यह फिल्म कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी प्रदर्शित हुई जिसमे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न, मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल शामिल हैं।

कलाकारों की प्रतिक्रिया

इस उपलब्धि पर देशभर के कलाकारों, राज्यपालों और राजनीतिक नेताओं ने बधाई संदेश जारी किए हैं। ‘बूंग’ की सफलता को न सिर्फ एक फिल्म की उपलब्धि के रूप में, बल्कि भारत के सांस्कृतिक विविधता और रचनात्मक क्षमता का वैश्विक सम्मान बताया जा रहा है। मनोज बाजपेयी, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

प्रधानमंत्री की बधाई और फिल्म की बाफ्टा जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है और अपनी अनूठी कहानियों के जरिए वैश्विक दर्शकों को छू रहा है।

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