25 साल से खरीद रहे थे लॉटरी टिकट, अब लगा भारतीय बिजनेसमैन को 9 करोड़ रुपये का जैकपॉट

25 साल से खरीद रहे थे लॉटरी टिकट, अब लगा भारतीय बिजनेसमैन को 9 करोड़ रुपये का जैकपॉट

दुबई में रह रहे एक भारतीय मूल के उद्योगपति की किस्मत 25 साल बाद आखिरकार चमक उठी। वे पिछले ढाई दशक से लगातार लकी ड्रॉ में हिस्सा ले रहे थे, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अब दुबई ड्यूटी फ्री मिलेनियम मिलियनेयर ड्रॉ में उन्होंने 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 9 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीत लिया है।

कौन है विजेता?

ड्रॉ के विजेता दुबई स्थित भारतीय व्यवसायी और फिल्म निर्माता राजन लाल हैं, जिन्होंने हाल ही में अपना 79वां जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन के कुछ ही दिनों बाद मिली इस बड़ी जीत ने उनके परिवार और दोस्तों को खुशी से भर दिया है। उनका कहना है कि ये उनके लिए जन्मदिन का सबसे बेहतरीन तोहफा है।

फिलहाल उन्होंने तय नहीं किया है कि वे इस इनाम की राशि का उपयोग किस तरह करेंगे। हालांकि, वे इस समय आगामी इंडिया बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने को लेकर ज्यादा उत्साहित हैं।

कौन सी लॉटरी में जीता पैसा?

दुबई ड्यूटी फ्री मिलेनियम मिलियनेयर ड्रॉ दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया था। राजन लाल ने सीरीज 535 के तहत टिकट नंबर 3099 खरीदा था। यह टिकट उन्होंने कॉन्कोर्स डी से 30 जनवरी को लिया था। लंबे समय से हर साल एक टिकट खरीदने की उनकी आदत आखिरकार रंग लाई।

इस ड्रॉ में एक अन्य विजेता भी रहे, जो ऑस्ट्रिया मूल के हैं और पुर्तगाल में रहते हैं। उन्हें भी 1 मिलियन डॉलर का इनाम मिला। चाइनीज न्यू ईयर के मौके पर विशेष समारोह के रूप में आयोजन किया गया था, जिससे इस बार का ड्रॉ और भी खास बन गया।

79वें जन्मदिन के बाद बदली किस्मत

राजन लाल ने इस जीत को अपने जीवन का सबसे खास जन्मदिन उपहार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कैंसर, तीन हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में यह जीत उनके लिए भावनात्मक मायने भी रखती है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें जीत की जानकारी मिली, तब वे सऊदी अरब में थे। पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ था।

25 साल की मेहनत और धैर्य का फल

राजन लाल पिछले 25 साल से हर साल एक टिकट खरीदते आ रहे थे। उन्होंने मजाक में अपने दोस्तों से कई बार कहा था कि शायद वे कभी नहीं जीत पाएंगे। लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। यह जीत उनके धैर्य और निरंतरता का परिणाम मानी जा रही है।

1990 के दशक में वे मुंबई से दुबई शिफ्ट हुए थे। शुरुआती दिनों में उन्हें आर्थिक और पेशेवर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने गारमेंट ट्रेडिंग से दोबारा शुरुआत की और धीरे-धीरे अपना करियर फिर से खड़ा किया।

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