जयपुर: 2025 में देश की सबसे ज्यादा सोलर बिजली बनाने के बाद राजस्थान अब अगले कदम पर है। शुक्रवार से शुरू होने वाले भारत रिन्यूएबल एक्सपो में राज्य 50 बड़ी सोलर कंपनियों के CEO को अपना बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट दिखाएगा। सरकारी अधिकारी इन सीईओ से मिलेंगे और पुगल सोलर पार्क को निवेश के लिए सबसे अच्छी जगह बताएंगे। इस पार्क में 2450 मेगावाट सोलर बिजली बनती है और 6,400 एमडब्ल्यूएच की बैटरी स्टोरेज है।
शाम को भी मिलेगी बिजली
हेक्सा क्लाइमेट के चेयरमैन संजीव अग्रवाल जो (राजस्थान में 1000 मेगावाट से ज्यादा सोलर प्रोजेक्ट बना रहे हैं) ने कहा कि बैटरी स्टोरेज पर राजस्थान का फोकस बहुत बड़ा बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया, बैटरी स्टोरेज से बिजली बर्बाद होने का खतरा कम होता है, और शाम के समय में बिजली मिलती रहती है।
विदेशी कंपनियां दिखाएंगी इनोवेशन
इससे राज्य की बहुत सारी रिन्यूएबल बिजली सही तरीके से इस्तेमाल हो पाती है। रूपल गुप्ता क्रियाना पावर की सीईओ ने कहा कि राजस्थान ने अच्छी नीतियों से रिन्यूएबल एनर्जी में लीडरशिप दिखाई है। अब बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर फोकस अगला महत्वपूर्ण कदम है।
यह एक्सपो एमएनआरई और राज्य ऊर्जा विभाग के साथ राजस्थान सोलर एसोसिएशन कर रहा है। यहां देश-विदेश की कंपनियां नई तकनीक, प्रोडक्ट और नई खोज दिखाएंगी। साथ ही पीएम सूर्यघर, कुसुम और रूफटॉप सोलर जैसी सरकारी योजनाएं भी दिखाई जाएंगी।


