भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच तनावपूर्ण स्थिति किसी से भी छिपी नहीं है। युद्धों और आतंकी हमलों की वजह से लंबे समय से दोनों देशों में तनाव बना हुआ है। पिछले साल ‘पहलगाम आतंकी हमले’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान में तनाव और बढ़ गया। हालांकि हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत और पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहते। पढ़कर अजीब ज़रूर लगेगा क्योंकि पाकिस्तान की तरफ से अक्सर ही भारत के खिलाफ साजिश की जाती है।
आतंकी पैदा कर रहे हैं माहौल
अमेरिका (United States Of America) के नेशनल इंटेलिजेंस कार्यालय की ताजा ‘सालाना खतरा आकलन रिपोर्ट’ के अनुसार भारत और पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहते। दोनों देश शांति चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन (Terrorist Organizations) जंग का माहौल पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ये आतंकी ऐसे हालात पैदा कर रहे हैं जो भारत और पाकिस्तान के बीच बड़े संकट का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट में पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए चेतावनी दी गई है कि इस तरह की घटनाएं परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच युद्ध की चिंगारी भड़का सकती है।
आतंकी नहीं चाहते शांति
पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी नहीं चाहते कि दोनों देशों के बीच शांति हो। ये आतंकी भारत के खिलाफ साजिशों में लिप्त रहते हैं। बॉर्डर से लगे जम्मू-कश्मीर में अक्सर ही ये आतंकी निर्दोष लोगों को निशाना बनाते हैं। भारत के खिलाफ साजिश के लिए आतंकी संगठन सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले भोले-भाले लोगों को भी बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा लेते हैं।
कहाँ से मिलती है पाकिस्तानी आतंकियों को फंडिंग?
पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को फंडिंग मुख्य रूप से आईएसआई और पाकिस्तानी सेना से मिलती है। ये आतंकी संगठन पाकिस्तान में भी लोगों को बहला-फुसलाकर उनसे चंदा लेते हैं। इसके अलावा सऊदी अरब और यूएई जैसे इस्लामिक देशों से भी इस्लामिक चैरिटी और निजी दान, विदेशी पाकिस्तानी डायस्पोरा के चंदे और फ्रंट ट्रस्ट (अल-रहमत, जमा-उत-दावा) के ज़रिए भी आतंकियों को फंडिंग मिलती है। इसके अलावा नार्को-टेररिज़्म, हवाला, एक्सटॉर्शन, रियल एस्टेट और क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए भी पाकिस्तानी आतंकी पैसा जुटाते हैं। FATF रिपोर्ट्स पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग के लिए हाई-रिस्क देश बताती हैं।


