छत्तीसगढ़ के धमतरी में गंगरेल बांध के डूब प्रभावितों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रभावितों का आरोप है कि जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा है, जिससे वे नाराज हैं। यह धरना प्रदर्शन गांधी मैदान में गंगरेल बांध प्रभावित जनकल्याण समिति के बैनर तले हो रहा है। समिति का कहना है कि हजारों परिवारों ने गंगरेल बांध के निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि और मकान दिए थे। उनकी यह लड़ाई पिछले 50-60 सालों से चल रही है। डूबान प्रभावित संघर्ष समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष हरिशंकर मरकाम ने बताया कि पहले भी धरना प्रदर्शन किया गया था, तब प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। मरकाम ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहा है। आश्वासन से थके, धरने पर बैठे हरिशंकर मरकाम ने कहा कि वे शासन-प्रशासन को आवेदन देते-देते थक गए हैं और उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी मजबूरी में उन्हें अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। मरकाम के अनुसार, हजारों परिवारों में से कुछ को जोगी डीह में बसाया गया है, लेकिन आज भी कई भूमिहीन परिवार भटक रहे हैं, जिन्हें बसाने की मांग की जा रही है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी राहत नहीं राम निहोरा निषाद ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को सर्वोपरि माना जाता है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी डूब प्रभावितों के साथ धोखा हो रहा है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लड़ाई तीन पीढ़ियों से लड़ी जा रही है और उन्हें साय सरकार से समर्थन की उम्मीद है।


