IND vs NZ, 3rd ODI: इंदौर की ओस टॉस को बना देगी सबसे बड़ा फैक्टर? दूसरे वनडे की यह गलती दोहराना नहीं चहगा भारत

IND vs NZ, 3rd ODI: इंदौर की ओस टॉस को बना देगी सबसे बड़ा फैक्टर? दूसरे वनडे की यह गलती दोहराना नहीं चहगा भारत

India vs New Zealand, 3rd ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरोज का आखिरी मुक़ाबला इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। राजकोट में न्यूजीलैंड से मिली हार के बाद भारतीय टीम ने एक अतिरिक्त दिन का आराम लिया। दूसरे वनडे में भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी और उन्हें यह मुक़ाबला गवाना पड़ा था। पाटा विकेट होने के बावजूद केएल राहुल के अलावा अन्य सभी भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए थे। ऐसे में इस तीसरे मुक़ाबले में भी टॉस एक बड़ा फैक्टर है।

सिराज बिना पिच देखे प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए

तीसरे वनडे से पहले भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सिराज बिना पिच देखे ही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे, लेकिन उन्हें अंदाज़ा है कि इंदौर में क्या मिलने वाला है। सिराज ने साफ कहा, “इंदौर आमतौर पर हाई-स्कोरिंग ग्राउंड रहा है और मैदान भी छोटा है। हम रनों की उम्मीद कर रहे हैं।” जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय आक्रमण की अगुवाई कर रहे सिराज का फोकस सटीक लेंथ और स्टंप्स पर गेंदबाज़ी पर रहेगा, ताकि बल्लेबाज़ों से गलती निकलवाई जा सके।

इंदौर में बल्लेबाज़ों की बहार

क्यूरेटर से लेकर फैंस तक, लगभग सभी की राय एक जैसी है। इंदौर में रविवार को जमकर रन बरसेंगे। इंदौर की क्रिकेट-प्रेमी जनता के लिए यह खास मौका है, क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज शायद आखिरी बार यहां खेलते नजर आएं। फैंस की उम्मीद भी यही है कि दोनों बड़े स्कोर करें।

स्पिनरों को नहीं मिलेगी कोई मदद

मध्य प्रदेश में सर्दी का असर अब कम होता दिख रहा है। दोपहर धूपदार हैं, जबकि शाम को नमी और ओस बढ़ जाती है। ब्लैक सॉयल की पिच के टूटने की संभावना कम है, ऐसे में उछाल अच्छा रहेगा और स्पिन को बहुत ज्यादा मदद नहीं मिलने की उम्मीद है। 65-70 मीटर की छोटी स्क्वायर बाउंड्री इस मैच को और भी हाई-स्कोरिंग बना सकती है।

स्पिन के खिलाफ परेशानी, गेंदबाज़ी चिंता का विषय

राजकोट में भारत की हार की एक बड़ी वजह न्यूजीलैंड के अपेक्षाकृत कमजोर स्पिन अटैक के खिलाफ मध्यक्रम का जूझना रहा। इसी कारण केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने नेट्स में स्वीप और रिवर्स स्वीप पर खासा काम किया। गेंदबाज़ी में वॉशिंगटन सुंदर की चोट ने संतुलन बिगाड़ दिया है। उनकी जगह आए आयुष बदोनी मुख्य रूप से बल्लेबाज़ हैं, जबकि नितीश रेड्डी को भी छठे गेंदबाज़ के तौर पर बहुत कम इस्तेमाल किया गया।

अर्शदीप सिंह बन सकते हैं ट्रंप कार्ड

इन हालात में अर्शदीप सिंह की एंट्री भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है। बाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ की स्विंग और वैरिएशन इंदौर की सपाट पिच पर अहम साबित हो सकती है। शनिवार को नेट्स में उन्होंने कोहली, रोहित और गिल को अच्छी चुनौती दी।

टॉस और ओस निभाएंगे बड़ी भूमिका

न्यूजीलैंड के ऑल-राउंडर ग्लेन फिलिप्स ने भी माना कि शाम को ओस निर्णायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा, “शाम को नमी बढ़ने से ओस बड़ी भूमिका निभा सकती है। पिच बल्लेबाज़ी के लिए शानदार दिख रही है, और पिछला अनुभव बताता है कि यहां बड़ा स्कोर बनेगा।” टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना चाहेगी। इस मैदान पर कोई भी स्कोर आसानी से चेज़ हो सकता है।

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