देवरिया में चैत्र नवरात्र के समापन पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा प्रतिमाओं को कूड़ा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शनिवार शाम सिंधी मिल स्थित देवरही मंदिर परिसर में विसर्जन के दौरान यह घटना हुई। प्रतिमाओं को कूड़ा वाहन में रखकर ले जाते देख स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए विरोध जताया। अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर पालिका के संबंधित इंचार्ज जय प्रकाश यादव को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन की यह व्यवस्था उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई थी। ऐसे में कार्रवाई केवल एक इंचार्ज तक सीमित रहने पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे कर्मचारियों में भी असंतोष की चर्चा है। लापरवाही ने लोगों की भावनाओं को आहत किया गौरतलब है कि नवरात्र के पहले दिन प्रशासन की ओर से विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं की स्थापना कराई गई थी। नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। ऐसे में विसर्जन के दौरान हुई इस लापरवाही ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है। स्थानीय नागरिकों ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज है और लोग निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।


